जून 20, 2021

(पूरी हकीकत)

नाखूनों में दिखा कोरोना का संक्रमण : ब्यूज लाइन्स और रेड हॉप मून हो सकते हैं लक्षण

न्यूज सर्च डेस्क – कोरोना संक्रमण के बाद उसके लक्षण और साइडइफेक्ट ब्लैक फंगस, व्हवाइट फंगस, चेहरे और त्वचा में तो दिखे ही हैं… अब इसके संक्रमण का असर लोगों के नाखूनों में भी दिखने लगा है। दुनिया में कोरोना संक्रमण को लेकर हो रही स्टडी के मुताबिक कोरोना के लक्षण बुखार, खांसी, थकान और स्वाद तथा गंध के एहसास में कमी ही मुख्यरूप से हैं, लेकिन अब आपके नाखूनों में इस वायरस का प्रभाव पड़ता दिख रहा है।

हाल ही में एक यूके बेस्ड कोविड सिम्प्टम्स स्टडी ऐप के एक रिसर्च में एक्सपर्ट्स ने उन लक्षणों का संकेत दिया जो कोरोना से ठीक होने के बाद नाखूनों में दिखाई देते हैं। इसे कोविड नेल्स नेल्स का नाम दिया गया है। वैसे ही यह स्पष्ट है कि मनुष्य कितना स्वस्थ है इसकी जानकारी उसके नाखून देखकर ही पता चल जाता है। ऐसा ही कुछ कोरोना संक्रमण का अंदेशा भी नाखून में देखने को मिल रहा है। कोविड-19 संक्रमण के बाद कुछ रोगियों के नाखूनों का रंग फीका पड़ जाता है या कई सप्ताह बाद उनका आकार बदलने लगता है।

ब्यूज लाइन्स

यह लक्षण काफी कम मरीजों में देखने को मिलता है। ब्यूज लाइन्स या नाखूनों में बनने वाले खांचे, जिन्हें कोरोना से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे लक्षण किसी भी उंगली या खासकर अंगूठे में बनते हैं, जब नाखूनों का बढ़ना रुक जाता है। जब आप इनके ऊपर उंगली फेरते हैं तो आपको नेल्स के टेक्सचर में कुछ बदलाव महसूस होता है।

आमतौर पर ये लाइन तब होती हैं, जब किसी तरह के शारीरिक तनाव, जैसे संक्रमण, कुपोषण या कीमोथेरेपी आदि के दुष्प्रभाव के कारण नाखूनों का बढ़ना रुक जाता है। अब यह कोविड-19 के कारण भी हो सकते हैं। नाखून औसतन हर महीने 2 मिमी से 5 मिमी के बीच बढ़ते हैं।

बिना इलाज के ही हो रहा ठीक

रिसर्च में पता चला कि एक महिला रोगी के नाखून आधार से ढीले हो गए और संक्रमण के तीन महीने बाद गिर गए। इसे ओनिकोमाडेसिस कहते हैं। हालांकि बिना किसी इलाज के कुछ समय बाद नए नाखून आ गए। जिससे पता चलता है कि ये बिना इलाज के ही ठीक भी हो सकते हैं।

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