February 25, 2021

(पूरी हकीकत)

18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को ही लगेगा कोविड वैक्सीन, 12 साल से ऊपर वालों पर ही किया गया ट्रायल

‘कोवैक्सीन’ के ट्रायल के तीसरे चरण में बच्चों को भी शामिल किया गया

न्यूज सर्च@ नई दिल्ली – दुनियाभर में कोरोना को लेकर दो तरह के आयु वर्ग के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की बार-बार सलाह दी गई थी। इनमें पहले थे- छोटे बच्चे (10-12 साल से कम के) और दूसरे थे- 60 साल से अधिक के बुजुर्ग। आज इनका जिक्र इसलिए, क्योंकि देश में रविवार को ही कोरोना के दो टीकों-कोविशील्ड और कोवैक्क्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। इनके बारे में सोमवार को जानकारी सामने आई कि इनमें से कोई भी 18 साल से कम उम्र के लोगों को नहीं लगाए जाएंगे।
ड्रग कंट्रोलर (डीसीजीआई) ने ‘कोविशील्ड’ को 18 साल से ऊपर के लोगों पर इस्तेमाल की मंजूरी दी है। वहीं, ‘कोवैक्सीन’ को 12 साल से ऊपर के लोगों पर सिर्फ ट्रायल की मंजूरी दी है। यह तीसरे चरण का ट्रायल होगा। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मार्च तक तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे सामने आ जाएंगे। उनके आधार पर 12 साल के ऊपर के बच्चों पर ‘कोवैक्सीन’ के इस्तेमाल की मंजूरी दी जा सकेगी। ‘कोविशील्ड’ का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट और ‘कोवैक्सीन’ का भारत बायोटेक और आईसीएमआर मिलकर कर रहे हैं।

सियासत जारी- अब कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा ने कोवैक्सीन पर सवाल उठाए

कांग्रेस नेता शशि थरूर और जयराम रमेश के बाद अब मिलिंद देवड़ा ने भी तीसरे चरण का ट्रायल पूरा हाेने सेे पहले ‘कोवैक्सीन’ को मंजूरी देने पर सवाल उठाए हैं। देवड़ा ने कहा- ‘प्रधानमंत्री को भरोसा कायम करने के लिए आगे आना चाहिए।’ भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को वैज्ञानिकों पर भरोसा नहीं है, वह सियासत कर रही है।

विशेषज्ञों की सलाह- जिन्हें कोरोना का टीका लगे, वे शराब से परहेज ही करें

शराब पीने से श्वेत रक्त (व्हाइट ब्लड सेल्स) और लिंफोसाइट्स कणिकाओं को नुकसान पहुंचता है। ये वायरस से लड़ने के लिए खास तरह का प्रोटीन बनाती हैं। ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह जानकारी सामने आई है। रिसर्च में सलाह दी गई है कोरोना टीका लगने के बाद शराब से परहेज करना चाहिए।

इबोला टीके का ट्रायल कभी पूरा नहीं हुआ, पर डब्ल्यूएचओ ने मंजूरी दी

हमने 123 देशों के लिए टीके बनाए हैं। हमारे इबोला टीके का ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल कभी पूरा नहीं हुआ, फिर भी डब्ल्यूएचओ ने उसे इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।’

-डॉ. कृष्णा एल्ला, एमडी, भारत बायोटेक

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