October 20, 2021

(पूरी हकीकत)

घर बुलाकर प्रौढ़ पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों पर मेहरबान रैपुरा पुलिस

योगी राज में पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल, पीड़ित पक्ष ने रिश्वत लेकर आरोपियों का साथ देने का लगाया आरोप

न्यूज सर्च@चित्रकूट उत्तर प्रदेश –

उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सही पुलिसिंग का हवाला देकर न्याय देने की बात कह रहे हैं, वहीं उन्हीं की पुलिस रिश्वत के बोझ तले दबकर आरोपियों का खुलेआम साथ दे रही है। इसका जीता जागता उदारहण चितत्रकूट जिले की रैपुरा पुलिस है। यहां मिश्रा परिवार के लोगों ने मिलकर पड़ोस में रहे रहे प्रतिष्ठित व्यक्ति रामबाबू उपाध्याय के ऊपर जानलेवा हमला किया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जगह पुलिस आरोपियों को धारा 151 जैसी मामूली कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है। पीड़ित परिवार के सदस्य मोहित उपाध्याय और सूरज उपाध्याय का कहना है कि पुलिस ने आरोपी पक्ष से मोटी रकम रिश्वत के रूप में ली है, जिसके चलते इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसकी शिकायत चित्रकूट पुलिस अधीक्षक से करने की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक सूरज उपाध्याय पिता रामबाबू उपाध्याय ने रैपुरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि 30 दिसंबर की शाम 5.48 बजे अचानक उनके पड़ोसी शंकर दयाल मिश्र पिता स्व. रामप्रकाश मिश्र के घर से उसके पिता रामबाबू उपाध्याय के मोबाइल पर फोन आया था। उन्होंने रामबाबू उपाध्याय को कुछ बात करने की बात कहकर अपने घर बुलाया तो रामबाबू उपाध्याय अकेले ही उनके घर पहुंच गए। पुरानी रंजिश का बदला लेने की फिराक में पहले बैठे शंकरदयाल मिश्र, प्रतापनारायण मिश्र, देवेंद्र और शिवदयाल ने घर पहुंचते ही रामबाबू उपाध्याय के ऊपर हमला कर दिया। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाते उतनी देर में उन्होंने धारदार हथियार और लाठी डंडों से मारकर उन्हें अधमरा कर दिया। जब रामबाबू उपाध्याय के परिजन वहां पहुंचे तो रामबाबू को लहूलुहान हालत में देखकर कर्वी सरकारी अस्पताल ले गए। गंभीर हालत के चलते डॉक्टर ने उन्हें इलाहाबाद रेफर कर दिया। इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी पुलिस ने मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मामले को दबा दिया। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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