March 1, 2021

(पूरी हकीकत)

जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने को कुष्ठ रोगियों को चिन्हित कर होगा उनका इलाज

इसके लिए मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ता कर रहे सर्वे

बैकुंठपुर,(कोरिया) 9 दिसंबर 2020।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्नमूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कोरिया जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखंडो में कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। कुष्ठ रोगी खोज अभियान के अंतर्गत मितानिन घर घर जाकर कुष्ठ रोगियों को चिन्हित करेंगी ताकि उनका समय से उपचार कर उनको कुष्ठ से मुक्ति दिलायी जा सके। इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग द्वारा एक विस्तृत कार्ययोजना बनायी गयी है जिसके अनुसार मितानिन घर घर जाकर कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया, “जिले को कुष्ठ मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ व मितानिन को प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि यह लोग आसानी से कुष्ठ रोग के लक्षणों की पहचान कर कुष्ठ रोगियों को चिन्हित कर सकें। इस विशेष अभियान में महिलाओं की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए मितानिनों को भी लगाया गया है।“
वहीँ राष्ट्रीय कुष्ठ उन्नमूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ डी.के. चिकनजुरी ने बताया, “इस अभियान को सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी है जिसके अनुसार कुष्ठ रोगी खोज दल कार्य करेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिन की संयुक्त रूप से टीम बनाई गयी है। अभियान के अंतर्गत गठित टीमों द्वारा कुष्ठ से मिलते जुलते लक्षणों को पहचाना जाएगा और उनको चिन्हित किया जायेगा इसके बाद संबंधित परिवार के सदस्यों की जांच व स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इस अभियान के दौरान मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा कोरोना संक्रमण से सम्बंधित समस्त दिशानिर्देशों का पालन भी किया जाएगा।“

क्या होता है कुष्ठ

लेप्रोसी या कुष्ठ के मरीजों को अक्सर छुआछूत, कोढ़ और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. आम धारणा यह है कि यह छूने से फैलता है. जबकि ऐसा नहीं है कुष्ठ रोग छूने से नहीं फैलता है! संक्रामक बीमारी होने के बावजूद यह छूने या हाथ मिलाने, साथ में उठने-बैठने से नहीं फैलता है। वास्तव माइकोबैक्टीरियम नामक जीवाणु की वजह से कुष्ठ रोग होता है. ज्यादा समय तक कुष्ठ रोग से ग्रसित रोगी के साथ रहने से इससे संक्रमित होने की संभावना होती है।

जाने लक्षण

त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, जो चपटे और फीके रंग के दिखते हैं।
पैरों के तलुओं पर ऐसा घाव जिसमें दर्द न हो।
मांसपेशी में कमजोरी। हाथ, बांह, पैर में सुन्नता
कुष्ठ रोग से बचाव के उपाय
लक्षणों पर निगरानी रखना और गंभीर मामलों पर ध्यान देना।
चोट से बचें और घाव को साफ रखें।
बच्चों में कुष्ठ रोग की संभावना व्यस्कों से अधिक होती है इसलिए बच्चों को हमेशा संक्रमित व्यक्ति से दूर रखें।
कुष्ठ रोग को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि जल्द से जल्द इसका निदान कर इलाज किया जाए।
लम्बे समय तक अनुपचारित, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न रहें।

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