September 20, 2021

(पूरी हकीकत)

योगी राज में चौथे स्तम्भ को दबाने का प्रयास… पत्रकार ने उठाया जनहित का मुद्दा तो दबंगों द्वारा दी जा रही जान से मारने की धमकी

चित्रकूट जिले के रैपुरा ग्राम पंचायत में शासकीय भूमि पर बेजाकब्जा और भ्रष्टाचार के मामले में आरटीआई लगाकर उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने पर पत्रकार व उसके परिवार का किया जा रहा शोषण… शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन मौन

न्यूज सर्च, चित्रकूट/ रैपुरा – उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम भी उठा रही है, लेकिन चित्रकूट जिले में जनहित का मुद्दा उठाना एक पत्रकार व उसके परिवार को काफी महंगा पड़ता दिख रहा है। जिला अंतर्गत रैपुरा ग्राम पंचायत में दबंगो द्वारा शासकीय जमीन पर बेजा कब्जा और प्रधान व सचिव द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर दबंगों द्वारा पत्रकार व उसके परिवारवालों से गाली गलौज कर देख लेने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित पत्रकार के परिजनों का कहना है कि वह डर के साय में जीने को मजबूर हैं। उनके ऊपर पहले भी कई बार जानलेवा हमला किया जा चुका है। उन्हें आशंका है कि कभी भी उनकी हत्या कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा सकता है। इसकी शिकायत पीड़ित पक्ष ने पुलिस के अधिकारियों से लेकर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों तक से की है, लेकिन इस मामले पर कोई भी कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इसे देखते हुए बीते मंगलवार की रात भी कुछ लोगों ने रुपए के लेन-देने के मामले को लेकर पत्रकार व उसके पिता से गाली गलौच कर उसे देखलेने की धमकी दी। इसकी लिखित शिकायत पीड़ित पक्ष ने रैपुरा थाने में की है।

इस बारे में पत्रकार के पिता कृष्ण चंद्र उर्फ बबलू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य थीं। उनके द्वारा जब भी कोई जनहित का मुद्दा उठाया गया तो उनकी आवाज की दबा दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र में पीएम आवास से लेकर अन्य विकास के मुद्दों पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर सूचना का अधिकार लगाकर जानकारी मांगी तो उनके ऊपर जानलेवा हमले होने लगे। अब उनके पत्र विवेक सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाकर गांव के जनहित के मुद्दों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाता है तो उससे भी गाली गलौज कर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मंगलवार रात भी जब वह गांव में ही एक जगह से निमंत्रण में शामिल होकर लौट रहा था तो गांव के पूर्व प्रधान के पुत्र आदित्य सिंह का फोन आया और पुराने रुपए के लेनदेने को लेकर उससे गाली गलौज की जाने लगी। इसके बाद जब पत्रकार विवेक सिंह ने अपने पिता कृष्ण चंद्र से आदित्य की बात कराई तो उससे भी गाली गलौच कर देख लेने की धमकी दी गई और आदित्य सिंह पुत्र चंद्रदत्त , अनूप कुमार पुत्र दिलीप कुमार उर्फ ददूलाल, फूलचंद्र यादव ड्राइवर और 2 अन्य लोग पत्रकार के घर पर बॉलरों से मारपीट करने की मंशा से पहुंचे। किसी अनहोनी को भांपते हुए पत्रकार ने डायल 100 में फोन कर पुलिस को समय पर बुला लिया तो वह लोग वहां से चले गए। उक्त घटना की जानकारी पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक चित्रकूट और थाना प्रभारी निरीक्षक रैपुरा सहित ट्वीटर पर आईजी और डीजी को भी दी। थाना प्रभारी एसपी की मिटिंग में होने से समय पर नहीं पहुंचे तो कुछ देर बाद रैपुरा के उपनिरीक्षक शिवपूजन यादव का फोन आया कि आप थाने आइए और ट्वीट करने से कुछ नहीं होगा। पत्रकार ने जब रात में उसे बाहर खतरा होने की बात कही तो एसआई ने कहा बिना आए कुछ नहीं हो सकता। मीटिंग से आने के बाद रात में थाना प्रभारी पत्रकार के घर पहुंचे पूरे मामले को सुना और शिकायत लेकर चले गए। अब देखना है कि पुलिस इस मामले में क्या करती है या पूर्व की तरह ही पीड़ित पक्ष की शिकायत को रद्दी की टोकरी में डाल देगी।

पूर्व में हो चुके हैं जानलेवा हमले

आपको बता दें कि पीड़ित परिवार के मुखिया बबलू के ऊपर पूर्व में भी उसकी आवाज को दबाने के लिए जानलेवा हमले किए जा चुके हैं। इसकी शिकायत भी थाने में दर्ज है। बबलू से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2019 में वर्तमान प्रधान जगदीश पटेल के द्वारा बुरी तरीके से अपने घर के सामने मारा पीटा गया था और मरणासन्न अवस्था में छोड़ दिया गया था। अधिक मारपीट से बबलू के मुंह से खून नहीं बंद हो रहा था जब उनके परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई तो उनका इलाज कराया गया। इसके बाद एक अन्य दबंग व्यक्ति द्वारा उनके साथ फिर से मारपीट की गई। इसके बाद भी जब पीड़ित परिवार ने जनहित के मुद्दों को उठाना नहीं बंद किया और चौथे स्तंभ का सहारा लिया तो उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने योगी सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।

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