September 28, 2021

(पूरी हकीकत)

योगी राज में फर्जीवाड़ा : बेटी नहीं फिर भी जारी किया शादी का अनुदान, समाज कल्याण विभाग की कारस्तानी

न्यूज सर्च, लखनऊ – एक तरफ योगी सरकार में स्वच्छ प्रदेश और भ्रष्टाचार रहित प्रदेश का दावा किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जिनके अधिकारी भ्रष्टाचार में इतने डूबे हैं कि उन्हें न तो योगी का डर है न नौकरी का। सबसे चौकाने वाला मामला यहां के समाज कल्याण विभाग का है। यहां के अधिकारियों ने उन लोगों के नाम पर भी शादी अनुदान जारी कर दिया है, जिन लोगों के पास बेटी ही नहीं है। इसका खुलासा तब हुआ जब कानपुर नगर में नमूना जांच की गई। इसमें इस योजना के 92 फीसदी लाभार्थी फर्जी मिले हैं।  

आपको बता दें कि प्रदेश सरकार गरीब कन्याओं की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस योजना में अभिभावकों के खातों में राशि भेजे जाने का प्रावधान है। एक गोपनीय आदेश के तहत कानपुर नगर के एक शहरी और एक ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष 2019-20 और 2020-21 के शत-प्रतिशत लाभार्थियों की जांच कराई गई। शहरी क्षेत्र में बाबू पुरवा वार्ड और ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक कल्याणपुर नमूना जांच के लिए चुना गया।

इन दोनों क्षेत्रों में दो वर्षों में 13 परिवारों को इस योजना का लाभ दिया गया। इनमें से 12 यानी करीब 92 फीसदी लाभार्थी अपात्र मिले। मकसूदाबाद के लाभार्थी भगवानदीन की कोई पुत्री ही नहीं है। इतना ही नहीं वे एससी हैं, पर आवेदन सामान्य वर्ग में कराया गया। जबकि, दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग मद से इस योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान है।

इसी तरह ग्राम बगदोधी बांगर के शिवेंद्र सिंह व कपिल मिश्रा, ग्राम ईश्वरीगंज के सतीश कुमार गौड़, कुसुम सिंह, पूजा झा व ऊषा देवी, ग्राम हृदयपुर की संगीता और ग्राम दूल के विवेक कुमार के खातों में भी राशि भेजी गई। इन गांवों के प्रधानों ने जांच के दौरान लिखकर दिया कि रिकॉर्ड में दिखाए गए ये लाभार्थी उनके गांव के निवासी नहीं हैं। बाबू पुरवा वार्ड की दिखाई र्गईं लाभार्थी शांति देवी नाम की कोई महिला ही नहीं रहती है। इसी वार्ड की बगाही भट्टी की राजकुमारी और किदवई नगर की नमिता पांडे के आवेदन पत्र में जिन पुत्रियों के नाम दिए गए थे, उस नाम की उनकी पुत्रियां ही नहीं हैं।

You cannot copy content of this page

en_USEnglish
Open chat
विज्ञापन के लिए इस नंबर पर संपर्क करें