August 2, 2021

(पूरी हकीकत)

जिले में 10 जुलाई तक 58,000 से अधिक बच्चों का किया गया वजन, 16 जुलाई तक मनाया जाएगा वजन त्यौहार

जांजगीर-चांपा, 12 जुलाई, 2021, जिले में 7 से 16 जुलाई तक वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत गत 10 जुलाई तक 58,212 बच्चों का वजन लिया जा चुका है। आगे चलने वाले इस त्यौहार में अब अन्य बच्चों का वजन घर-घर जाकर लिया जाएगा ।

कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला के मार्गनिर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 0 से 05 वर्ष तक आयु के बच्चों में पोषण स्तर के आंकलन के लिए 07 जुलाई से 16 जुलाई तक जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। पोषण स्तर की जांच के लिए 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों का वजन और ऊंचाई मापी जा रही है। जिले में 7 जुलाई से 10 जुलाई तक चार दिनों में 58,212 बच्चो का वजन किया गया। इसके साथ-साथ किशोरीयों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने के साथ ही उनका बीएमआई भी ज्ञात किया जा रहा है ताकि वजन और उचाई का डाटाबेस तैयार कर कुपोषण कम करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा सके।

किशोरीयों का हीमोग्लोबिन टेस्ट –
वजन त्यौहार में आंगनबाड़ी केन्द्र में आने वाली 11 से 19 वर्ष की सभी किशोरीयों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने के साथ ही उनका बीएमआई भी ज्ञात किया जा रहा है। इससे किशोरियों में एनीमिया का स्तर पता कर उसके नियंत्रण में मदद मिलेगी। वजन त्यौहार में जनप्रतिनिधियों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
पोषण की जांच के लिए वजन, ऊंचाई का मापन –
वजन त्यौहार में बच्चों का वजन लेने के बाद उसे ऑनलाईन सॉफ्टवेयर में एंट्री कर पोषण स्तर ज्ञात किया जाएगा। कुपोषण का निर्धारण उसके तीन मापदंड अल्पवजन, बौनापन और दुर्बलता के आधार पर किया जायेगा। इसलिए वजन त्यौहार में आयु, वजन के साथ-साथ बच्चों की ऊंचाई भी मापी जा रही है।

जिले में 58,000 से अधिक बच्चों का किया गया वजन –
वजन त्यौहार के दौरान 7 जुलाई से 10 जुलाई तक जिले में 58,212 बच्चो का वजन किया गया। जिसमें परियोजना जैजैपुर में 5,979, सक्ती- 4,511, नवागढ़- 4,360, बलौदा- 6,287, मालखरौदा- 5,095, जांजगीर-5,276, अकलतरा- 7,764, पामगढ़- 5,559, बम्हनीडीह- 7,853 और डभरा में 5,528 बच्चो का वजन किया गया है।

डेटाबेस से कुपोषण कम करने बनेगी कार्ययोजना-
हर साल प्रत्येक बच्चे की जानकारी सॉफ्टवेयर में दर्ज हो जाने से राज्य व जिला में कुपोषित बच्चों की स्थिति का डाटाबेस तैयार हो जाता है। इससे कुपोषण कम करने की कार्ययोजना बनाने में मदद मिलती है।

छूटे बच्चों का वजन घर-घर जाकर लिया जाएगा –
इस वर्ष कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए उसके सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वजन त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कोई बच्चा वजन लेने से छूट जायेगा तो उक्त अवधि में पल्स पोलियो की तर्ज पर घर-घर जाकर बच्चों का वजन लिया जायेगा। यदि किसी घर के बच्चे किसी अन्यत्र रिश्तेदार के यहां गए हो तो ये बच्चे जिस भी गांव में गए हो उस गांव में इन बच्चों का वजन किया जायेगा। पर्यवेक्षक द्वारा इसका पर्यवेक्षण किया जायेगा।

प्रचार-प्रसार कर लोगों को दी जा रही वजन त्यौहार की जानकारी-
बच्चों के वजन से ही उनका वास्तविक पोषण स्तर ज्ञात किया जा सकता है, इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को और नगरीय क्षेत्रों हेतु वार्ड को वजन उत्सव में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गांवों के विभिन्न स्थानों पर बैनर-पोस्टर सहित नारा लेखन कर लोगों को वजन त्यौहार की जानकारी दी जा रही है और उन्हें आंगनबाड़ी में बच्चों को लाकर वजन कराने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

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