August 2, 2021

(पूरी हकीकत)

फर्जी उपस्थिति दर्ज कर लाखों रुपए डकारने वाले दो अधीक्षकों पर गिरी गाज

न्यूज़ सर्च@जांजगीर चांपा :- शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम पर पदस्थ पूर्व अधीक्षको द्वारा हेराफेरी कर लाखों रुपए गमन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में संलिप्त दोनों अधीक्षकों के विरुद्ध एक एक वेतन वृद्धि 2 वर्षों तक रोके जाने की कार्यवाही की गई है।

आपको बता दें कि यह पूरा मामला जैजैपुर विकासखंड क्षेत्र के शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम तुषार की है जहां पदस्थ पूर्व दो अधीक्षको संतोष करियारे एवं मयंक चंद्रा के द्वारा आश्रम के छात्रो की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर लाखो रुपये गबन करने की बड़ी गड़बड़ी पाई गई है। जिस पर लिखित शिकायत जिला कलेक्टर तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से की गयी है।  मिली जानकारी के अनुसार जैजैपुर से मात्र 3 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम तुषार के आश्रम मे पदस्थ पूर्व उक्त दोनों अधीक्षकों के द्वारा आश्रम में रहकर अध्ययन कर रहे छात्रों की फर्जी उपस्थिति भरकर लाखों रुपए आहरित कर शासन प्रशासन को लाखों का चुना लगाया गया है। इस मामले की शिकायत करमनढीह निवासी कृष्ण कुमार चंद्रा के द्वारा सन 2020 में कलेक्टर जिला जांजगीर , पुलिस अधीक्षक जांजगीर तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से की गई है। शिकायतकर्ता द्वारा किए गए इस शिकायत को संज्ञान में लेकर विभागीय जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उक्त मामले में संलिप्त दोनों अधीक्षकों के विरुद्ध एक एक वेतन वृद्धि 2 वर्षों तक रोके जाने की कार्यवाही की गई है।

छात्रो की फर्जी उपस्थिति भरकर लाखो की राशि आहरित

 शिकायत के अनुसार आश्रम अधीक्षक संतोष करियारे ने आश्रम के छात्रों के लिए आयी राशि में बडी मात्रा में गड़बड़ी की है । जुलाई 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक कुल छात्रों की संख्या 5071 थी जिसे अधीक्षक द्वारा फर्जी हाजिरी भर कर 13720 बनाया गया अर्थात वास्तविक उपस्थिति से डेढ़ गुना ज्यादा फर्जी उपस्थिति दर्ज किया गया । यदि हम आंकड़ा निकाले तो पता चलता है कि आश्रम अधीक्षक ने 8649 बालकों की फर्जी उपस्थिति भरकर शासन को लाखो का चूना लगाया है, जिसके संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा संबंधित विषय पर क्रमवार शिकायत किया गया है।

आश्रम और स्कूल की उपस्थिति पंजी मे अंतर से फूटा भांडा

आश्रम मे चल रहे इस भ्रष्टाचार का पता स्कूल मे छात्रो की उपस्थिति और मध्यान भोजन मे बच्चों की उपस्थिति से पता चला है । तुषार मे संचालित इस अनुसूचित जाति बालक आश्रम मे जुलाई 2018 से अप्रैल 2019 तक उपस्थिति 5071 थी जिसे आश्रम अधीक्षक ने फर्जी हाजिरी भरकर 13720 बता दिया और 8649 फर्जी छात्रो की उपस्थिति भर दिया गया। अब आश्रम अधीक्षक से गलती यह हो गयी कि उन्होंने यह नही सोचा कि इसी आश्रम के छात्र अध्ययन करने के लिए तुषार के स्कूल जाते है और उनकी भी अपनी उपस्थिति पंजी है जिसमे आश्रम मे पढ रहे बच्चों की संख्या रोज दर्ज होती है । आश्रम की उपस्थिति पंजी मे उपस्थिति अधिक बताई जा रही है और स्कूल के मध्यान्ह भोजन मे छात्रों की संख्या कम बताई जा रही है जिससे स्पष्ट ज्ञात होता है कि आश्रम अधीक्षक द्वारा छात्रों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।

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