July 26, 2021

(पूरी हकीकत)

बच्चे की चाहत में अंधविश्वासियों ने 7 साल की मासूम का पहले किया गैंगरेप…फिर कलेजा निकाल कर खाया

न्यूज़ सर्च@लखनऊ :- उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा कपल ने संतान प्राप्ति के लिए न सिर्फ एक 7 साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप किया, बल्कि तांत्रिक के झांसे में आकर उसकी हत्या कर बच्ची का कलेजा निकालकर खा गए।

ये घटना पिछले साल नवंबर 2020 में कानपुर के घाटमपुर पुलिस क्षेत्र में दीपावली के दिन की है। पुलिस ने बच्ची की हत्या करने वाले दंपति समेत चार आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस ने बताया कि नि:संतान दंपत्ति ने बच्चे पैदा करने के लिए इस भयानक अपराध को अंजाम दिया था। चारों ने दिवाली पर एक ‘तांत्रिक’ (गुप्त) अनुष्ठान के हिस्से के रूप में लड़की हत्या कर उसका जिगर और फेफड़ों को निकाला था।
पड़ोस में रहती थी बच्ची

इस मामले में आरोपी परशुराम और उनकी पत्नी सुनैना समेत चार आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया है। एक युवक और उसके साथी ने अपने पड़ोसी की सात साल की एक बच्ची की हत्या कर उसके जिगर और फेफड़े निकाले थे। उन्हें अपने चाचा और चाची को दीवाली पर एक ‘तांत्रिक’ (गुप्त) अनुष्ठान के हिस्से के रूप में खाने के लिए दिया था, ताकि नि:संतान दंपत्ति के बच्चे हो सकें।

बच्ची ने रेप का विरोध किया तो कर दी हत्या
इस प्रक्रण के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था, क्योंकि बच्चे के फेफड़े और लीवर सहित कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे. उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया था कि हत्या एक गुप्त प्रथा का परिणाम हो सकता है. दो युवकों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद, पुलिस ने शुरू में दावा किया कि लड़की को दो युवकों ने मार डाला था, जब उसने दुष्कर्म करने के उनके प्रयास का विरोध किया था। हालांकि, लगातार पूछताछ के दौरान, युवक अंकुल टूट गया और अपने नि:संतान चाचा परशुराम और चाची सुनैना के बहकावे में आने के बाद मानव बलि अनुष्ठान के तहत अपने दोस्त वीरन के साथ मिलकर लड़की की हत्या करने की बात कबूल किया।

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