October 17, 2021

(पूरी हकीकत)

धान खरीदी केंद्र के लिपिक के बेटे ने की थी चौकीदार की हत्या… दुर्ग पुलिस ने तीन दिन के भीतर किया खुलासा

महंगी बाइक और कपड़े के लालच में बना अपराधी, पुलिस ने 8 लाख की चोरी व अंधे कत्ल की घटना से उठाया पर्दा

न्यूज सर्च, भिलाई – दुर्ग पुलिस की टीम ने तीन दिन के भीतर ग्राम नंदौरी में धान खरीदी केंद्र के चौकीदार के अंधे कत्ल और लाखों रुपए की चोरी से पर्दा उठा दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को मामले का खुलासा किया। इस वारदात में और कोई नहीं बल्कि सेवा सहकारी समिति के धान खरीदी केन्द्र के लिपिक का बेटा आरोपी निकला। पुलिस ने आरोपी के पास से नगदी 8 लाख 510 रुपए नगद बरामद कर वारदात में प्रयुक्त चोरी के दो वाहन जब्त किया है।

आपको बता दें कि घटना देर रात 16-17 जून की है। ग्राम नंदौरी स्थित सेवा सहकारी सगिति भवन के चौकीदार हरिशंकर वर्मा की भवन के कमरे में लाश पाई गई थी। इसकी सूचना मिलते ही सरपंच पति शशीकांत वर्मा सुबह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। मुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच टीम गठित किया था। अति. पुलिस अधीक्षक शहर संजय धु्रव, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय छावनी विश्वास चन्दाकर के नेतृत्व में पुलिस आरोपी को तीन दिन के भीतर तलाश कर गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी तक इस तरह पहुंची पुलिस

दुर्ग एसपी प्रशांत ठाकुर ने छावनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय धु्रव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम ने जब लोगों से पूछताछ कर आरोपी की पतासाजी शुरू की तो उन्हें पता चला कि इस वारदात में लिपिक ओमप्रकाश बंजारे का हाथ हो सकता है। जब उससे बारिकी पूछताछ की गई तो उसने बताया कि सोसायटी के आलमारी की चाबी अपने पास वही रखता था। इसके साथ ही एक चाबी और भी है जो दूसरे के पास रहती थी। पुलिस को यह पता चला कि सोसायटी में ओमप्रकाश बंजारे का बड़ा लड़का रविशंकर बंजारे भी अतिरिक्त कर्मचारी के रूप में पिछले कुछ दिनों से कार्यरत है। इस पर पुलिस ने उससे भी कड़ाई से पूछताछ की। इस पर उसने बताया कि 16 जून को उसका छोटा भाई नितिश कुमार गंजारे सोसायटी में जमा पैसा के बारे पूछ रहा था। पुलिस ने नितिश को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। पहले तो नितिश ने घटना के बारे में कुछ भी जानने से इंकार करता रहा जिससे बारीकी से पूछताछ करने पर अपराध कबूल लिया।

पूरी प्लानिंग के साथ दिया वारदात को अंजाम

नितिश ने पुलिस को बताया कि वह 16 जून की दरम्यानी रात पूरी प्लानिंग करके घर से निकला था। सबसे पहले उसने अपने पिता के पेंट से सोसायटी की आलमारी की चाबी निकाली। उसके बाद चैनल गेट को तोडऩे के लिए लोहे का सब्बल को पूर्व में चोरी की गई मोटर सायकल एच.एफ, डिलक्स में बांधकर ग्राम नंदौरी सोसायटी पहुंचा। इसके बाद वह सोसायटी के चैनल गेट में लगे ताले को तोड़कर कमरा अंदर घुसकर आलमारी खोला। इसी दौरान आलमारी खुलने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रहे चौकीदार हरिशंकर वर्मा जाग गया। चोर होने की आशंका से वह चिल्लाने लगा। जिसके कारण आरोपी नितिश कुमार बंजारे हाथ में रखे सब्बल को चौकीदार हरिशंकर को सीने में मारा, लेकिन उसके बाद भी चौकीदार चिल्लाकर शोर करता रहा तो उसने उसी सब्बल को उसके सिर में मार दिया, जिससे वह पलंग पर ही गिर गया। आरोपी ने चौकीदार के मोबाईल की बैटरी निकाल वहीं रख दिया। आलमारी एंव लॉकर को चाबी से खोलकर नगदी रकम 8005107 थैले में भर लिया।

साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश

पुलिस को गुमराह करने के लिये आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की। उसने सबसे पहले आलमारी तथा लॉकर को चाबी से खोला एवं उसके उपरांत आलमारी एवं आलमारी के लॉकर को तोडऩे का बनावटी रूप दिया। साथ ही बाहर ग्रिल में लगे ताले को तोडऩे की बात छिपाने के लिये ताले को अपने पास कहीं दूर फेंकने के लिये रख लिया। चोरी की रकम, घटना में प्रयुक्त सब्बल एवं टूटा हुआ ताला लेकर यहां से चला गया। इसके बाद टूटे हुये ताले को कमसदा रोड के पास खेत में फेंका दिया। घटना के समय पहने शर्ट को अपने घर ग्राम पंचदेवरी में जला दिया।

मामा के घर छिपाया चोरी की राशि

आरोपी ने चोरी की रकम को अपने मामा के घर ग्राम कोकड़ी (बेरला) में प्लेजर वाहन की डिक्की में छिपा दिया था। बाद में पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रकम को वहां से जब्त किया।

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