July 26, 2021

(पूरी हकीकत)

मोहन भाटा जमीन मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 4 सप्ताह के भीत मांगा जवाब

करोड़ों की जमीन के रिकॉर्ड कहां है किसी को नहीं पता… जमीन के सरकारी दस्तावेज गायब कर बेची जा रही जमीन

न्यूज सर्च, बिलासपुर – बिलासपुर जिले के ग्राम मोहन भाटा हल्का नंबर 20 राजस्व निरीक्षक मंडल तखतपुर तहसील तखतपुर की जमीन का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है और हालत यह है कि इस जमीन का रिकार्ड भी जिला प्रशासन के पास नहीं है। अब इस मामले में लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन से 4 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

आपको बता दें कि उक्त जमीन के मामले का पता लगाने के लिए बिलासपुर निवासी संजय छपरिया ने अपने अधिवक्ता ग़ालिब द्विवेदी द्वारा सूचना के अधिकार के अंतर्गत आवेदन दिया था। इस आवेदन के जरिए उन्होंने कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भू अर्जन अधिकारी कोटा से सत्यापित दस्तावेजों के तहत जानकारी मांगी थी। इसपर अनुविभागीय अधिकारी कोटा द्वारा यह जानकारी दी गई की रक्षा मंत्रालय से संबंधित मूल नस्ती कलेक्टर भू अभिलेख शाखा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को दिनांक 30 सितंबर 2015 को भेजी जा चुकी है। नस्ती के अभाव में उनके द्वारा मामले की वांछित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। जवाब से संतुष्ठ न होने पर अधिवक्ता गालिब द्विवेदी ने कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा बिलासपुर छत्तीसगढ़ में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन दिया गया। इसपर कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई की उनके पास आवक पंजी 2015 में महा सितंबर अक्टूबर में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कोटा द्वारा उल्लेखित पत्र एवं नस्ती प्राप्त ही नहीं हुआ है।

इस मामले में दोनों ही जगह से संतोषजनक जवाब न मिलने पर आवेदक ने अपने अधिवक्ता अमियकांत तिवारी, भारत गुलाबानी एवं गालिब द्विवेदी की ओर से एक रिट याचिका माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की। इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की एकल पीठ ने राज्य शासन को 4 सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

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