June 24, 2021

(पूरी हकीकत)

मिसाल : कोरोना संक्रमित ससुर को पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंची बहू


न्यूज सर्च डेस्क, गुवाहाटी : अब तक आपने कई खबरे पढ़ी होंगी कि बहू ने अर्थी को दिया कांधा, बेटी ने दी मुखाग्नि… लेकिन जब कोई बहू श्रवण कुमार बन जाए तो इस दुनिया के लिए मानवता की इससे बड़ी मिसाल और दूसरी शायद ही हो। जी हम आपको एक ऐसी ही बहू के बारे में बता रहे हैं। असम के नगांव निवासी महिला अपने कोरोना संक्रमित ससुर को पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंची। जब लोगों ने यह देखा तो सभी उसकी तस्वीरें खींचते रहे और कहते रहे कि बहू हो तो निहारिका जैसी… लेकिन दुर्भाग्य की बात इतना सब करने के बाद भी नहारिका अपने ससुर की जान नहीं बचा सकीं।

असम के नगांव की रहने वाली निहारिका दास बेटे का फर्ज निभाकर वह आदर्श बहू बन गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि बहू हो तो निहारिका दास जैसी, जिसने अपने कोरोना पॉजिटिव ससुर को पीठ पर उठाकर इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हैरानी की बात तो यह है कि स्वास्थ केंद्र दो किलोमीटर दूर था, तब भी नहारिका ने हार नहीं मानी और ससुर को पीठ में लादकर पूरे दो किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया ।

मदद के लिए आगे नहीं बढ़ा किसी का हाथ

निहारिका दास की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसमें वे अपने कोरोना पॉजिटिव ससुर को पीठ पर उठाए दिख रही हैं। निहारिका ससुर को पीठ पर उठाकर करीब 2 किमी चलीं । इस दौरान लोगों ने फोटो खींची, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तस्वीर वायरल होने के बाद अब लोग निहारिका को आदर्श बहू कह रहे हैं। हालांकि इतनी मेहनत के बाद भी निहारिका अपने ससुर को नहीं बचा सकीं और खुद भी कोरोना पॉजिटिव हो गई। 

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