May 6, 2021

(पूरी हकीकत)

डॉ सत्यम भास्कर “भ्रमरपुरिया” ” हिन्दी रत्न साहित्य सम्मान” से अलंकृत किए गए.

दिल्ली :- डॉ सत्यम भास्कर “भ्रमरपुरिया”, एक ऐसा नाम जो साहित्य जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बना रहा है. मित्रता दिवस पर आयोजित काव्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भ्रमरपुरिया जी को “हिंदी रत्न साहित्य सम्मान 2020” से अलंकृत किया गया है. यह सम्मान बदलाव मंच द्वारा दिया गया है, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था है. अध्यक्ष, कवि दीपक क्रांति, महिला सचिव रुपा व्यास, आई टी प्रमुख, पुष्पेन्द्र शुक्ला, राष्ट्रीय सचिव रजनी शर्मा आदी ने मिलकर इन्हें अलंकृत किया है..
बता दें कि हाल ही में डॉ साहब को “मैथिलीशरण गुप्त साहित्य सम्मान” से नवाजा गया है..
पेशे से भौतिक चिकित्सक, डायरेक्टर सह विभागाध्यक्ष,आयुस्पाईन हास्पिटल दिल्ली, होने के बावजूद साहित्य के लिए इनका अगाध प्रेम देखते ही बनता है. अब तक 500 से ज्यादा कविता लिख चुके हैं, कक्षा सातवीं से ही लिखते आ रहे हैं.
पैतृक गांव भ्रमरपुर ,भागलपुर है, तभी भ्रमरपुरिया नाम से अपनी पहचान बना रहे हैं, ये गांव को समर्पित हैं. स्वास्थ्य व साहित्य दोनों जगत में एक उदाहरण बनते जा रहे हैं…आपको बता दें, कि अंग्रेजी में इनकी कविता लंदन में प्रकाशित भी हो चुकी है.

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