June 22, 2021

(पूरी हकीकत)

पहले मृतक के नाम पर आवास आवंटित कर किया भ्रष्टाचार… अब खुली बैठक में पात्र को आवंटन करने का अलाप रहे राग… बैठक कब हुई, कार्यवाही रजिस्टर कहां किसी को पता नहीं…

न्यूज सर्च@चित्रकूट/संवाददाता विवेक सिंह की रिपोर्ट – उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला अंतर्गत रैपुरा ग्राम पंचायत में फर्जी तरीके से आवास आवंटित कर भ्रष्टाचार करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां अधिकारी इस मामले में लीपापोती करने पर लगे हैं, वहीं न्यूज सर्च शिकायतकर्ता के साथ न्याय की आवाज बुलंत कर रहा है। इस मामले की हालत यह हो गई है कि जांजकर्ता अधिकारी बीडीओ और सीडीओ तक यह मान रहे हैं कि कालोनी का आवंटन गलत हुआ है, लेकिन वह इस त्रुटि को सुधार कर सही व्यक्ति को आवास दिये जाने का हास्यात्पद बयान भी दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आख्या में बताया गया है कि कंप्यूटर फाल्ट की वजह से पात्र के पिता का नाम सही नहीं आया। इससे एक खुली बैठक बुलाई गई और पात्र व्यक्ति के घर में आवास को बनवाया गया। जबकि हकीकत यह है कि यह खुली बैठक कब हुई… उसमें गांव के कौन-कौन लोग शामिल हुए… कार्यवाही रजिस्टर में क्या लिखा गया किसी को कुछ भी पता नहीं है।

चित्रकूट जिले के मानिकपुर ब्लॉक अंतर्गत रैपुरा ग्राम पंचायत में मृतक के नाम पर आवास आवंटन के मामले को शिकायतकर्ता तत्कालीन क्षेत्र पंचायत सदस्य मानिकपुर रैपुरा उमा देवी पत्नी कृष्ण चंद्र उठाए हुए हैं। अधिकारियों और ग्राम पंचायत सचिव की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए वह शनिवार को वीडियो से मिलने पहुंची। यहां बीडियो ने एक नई बात बता डाली। बीडीयो का कहा है कि मृतक के नाम पर कालोनी आवंटित होने पर सचिव और ग्राम प्रधान द्वारा एक खुली बैठक बुलाई गई और वहां पात्र व्यक्ति के नाम का चयन कर उसे आवास का लाभ दिया गया। लेकिन बैठक कब हुई और कार्यवाही रजिस्टर के बारे में वह कुछ भी नहीं बता सके। इसके बाद शिकार्यर्ता सीधे कलेक्टर चित्रकूट के पास पहुंचे। कलेक्टर ने मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने बैठक और कार्यवाही रजिस्टर मंगाकर सही जांच करने का निर्देश सीडीओ को दिया है।  

यह है पूरा मामला

आपको बता दें कि तत्कालीन क्षेत्र पंचायत सदस्य मानिकपुर रैपुरा उमा देवी पत्नी कृष्ण चंद्र ने 24 फरवरी 2021 को लिखित शिकायत कर कलेक्टर को अवगत कराया था कि रैपुरा ग्राम पंचायत में रामप्रसाद पुत्र वासुदेव जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 4834869 और अवधेश पुत्र जगतधारी जिसका रजिस्टेशन नंबर यूपी 5593809 पर आवास योजना के तहत कालोनी जारी की गई है। पत्र में बताया गया है कि राम प्रसाद पुत्र वासुदेव की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उनका कोई वारिस भी नहीं है। इसके बाद भी ग्राम सचिव ने मृतक के नाम पर कालोनी पास कर दी। कलेक्टर के आदेश पर जब मामले की जांच कराई गई तो बीडीओ ने एयर कंडीशन चैंबर में बैठे-बैठे ग्राम पंचायत अधिकारी कमलाकर सिंह से जांच कर रिपोर्ट मांगी और उसी रिपोर्ट को सही मानकर मामले में क्लीनचिट दे डाली। ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी आख्या में लिखा है कि उक्त दोनों कालोनी साल 2016-17 में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए नाम पर आवंटित हुई है और लाभार्थियों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। इसके बाद जब ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह से यह पूछा जा रहा है कि आखिर आवास बना कहां है तो वह शिकायकर्ता को ही अपनी पहुंच की धौंस दिखा रहे हैं।

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