June 21, 2021

(पूरी हकीकत)

आईएमए का दावा : बाबा रामदेव की पतंजलि ने मछली पर किया कोरोनिल का परीक्षण

न्यूज डेस्क, न्यूज़ सर्च :- बाबा रामदेव और IMA के बीच चल रहा आर्युवेद और ऐलोपैथिक पद्धति वार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब आईएमए ने पतंलजि की कोरोनिल दवा को लेकर बड़ा दावा किया है। IMA का दावा है कि पतंजलि ने कोरोनिल का परीक्षण उत्तराखंड की नदियों में पाई जाने वाली जेब्रा फिश (मछली की एक प्रजाति) पर किया है।

आईएमए उत्तराखंड के सचिव डॉ. अजय खन्ना ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा कि खुद पतंजलि ने पाइथोमेडिसिन जर्नल में छपे शोधपत्र में इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मछली पर परीक्षण की गई दवा, मनुष्यों पर इस्तेमाल नहीं की जा सकती। इतना ही नहीं पतंजलि ने यह दवा मछली पर भी ठीक ढंग से परीक्षण नहीं किया। उन्हें चाहिए था कि पहले वो मछली को कोरोना संक्रमित करते इसके बाद कोरोनिल दवा दी जानी चाहिए थी। ताकि, पता चले कि उसका वायरस पर कुछ असर हो रहा है या नहीं।

डॉ. खन्ना ने कहा कि दवाओं के परीक्षण की एक मानक प्रक्रिया है। जब उस प्रक्रिया का पालन परीक्षण में किया ही नहीं गया तो कोई भी इस नतीजे पर कैसे पहुंच सकता है कि दवा प्रभावी है या नहीं।

आईएमए, पीएमएचएस, आरडीए के डॉक्टरों ने मनाया काला दिवस 

एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर दिए गए योगगुरु बाबा रामदेव के बयान को लेकर देशभर के डॉक्टरों में आक्रोश है। इसके विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने मंगलवार को काला दिवस मनाया। इस दौरान डॉक्टरों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि आईएमए की ओर से योगगुरु रामदेव को नोटिस जारी किया गया है। अगर 15 दिन के भीतर वह जवाब नहीं देते हैं तो एसोसिएशन आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार करेगी।

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