June 15, 2021

(पूरी हकीकत)

मृतक के नाम आवास आवंटन मामले में गलत रिपोर्ट देने वाले सचिव को बचाने में लगे जिम्मेदार

योगी राज में केवल जुबानी ईमानदारी दिखा रहे चित्रकूट जिले के अधिकारी… जमीनी हकीकत कोसों दूर

न्यूज सर्च@चित्रकूट/संवाददाता विवेक सिंह की रिपोर्ट – उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है, तब ईमानदार शासन प्रशासन व्यवस्था का दावा किया जा रहा है। इस सबके बीच चित्रकूट जिले में यह देखने को मिल रहा है कि यहां के अधिकारी मौखिक रूप से तो ईमानदार कार्यशैली की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत जमीन पर नहीं दिख रही। ऐसा ही कुछ मामला जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत रैपुरा में मृतक के नाम पर कालोनी आवंटित कर उसकी राशि का बंदरबांट करने का है। इस मामले पर जिले के कलेक्टर और सीडीओ ने संज्ञान लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को सही जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी हैं कि कोरोना का हवाला देकर जांच करने की जगह मामले को दबाने में लगे हैं। सबसे चौकाने वाली हालत तो यहां के वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव की है। सचिव यह कहते फिर रहे हैं कि जाओ जो करना है कर लो, इस मामले में मेरी रिपोर्ट लग गई अब कुछ नहीं हो सकता है। सचिव का कहना है कि जिस सचिव ने यह सब गलत आवंटन किया है उसकी नौकरी वह नहीं खा सकते हैं।

चित्रकूट जिले के मानिकपुर ब्लॉक अंतर्गत रैपुरा ग्राम पंचायत में मृतक के नाम पर आवास आवंटित कर दूसरे के घर में बनाकर उसका मद डकार लिया गया और इसकी गलत रिपोर्ट भी अधिकारियों तक पहुंचा दी गई। अब इस मामले को लेकर जब पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य उमा देवी ने अधिकारियों से शिकायत की जिले तक के अधिकारियों की हालत खराब हो गई। अधिकारियों ने आनन फानन में सचिव को जांच रिपोर्ट देने को कहा। ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह ने भी घर पर बैठे-बैठे मामले को सही बताते हुए रिपोर्ट दे दी। अधिकारियों ने बिना हकीकत जाने रिपोर्ट को सही मान लिया, लेकिन अब जब इस मामले को न्यूज सर्च लगातार उठा रहा है तो जिम्मेदार अधिकारी मामले में पर्दा डालने पर लगे हुए हैं। न्यूज सर्च के माध्यम से शिकायतकर्ता केवल इतना जानना चाहती है कि आखिर मृतक रामप्रसाद पुत्र वासुदेव और अवधेश पुत्र जगतधारी के नाम पर आवंटित आवास बना कहा है? लेकिन दुर्भाग्य जनक स्थिति यह है कि इसका जवाब न तो ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह दे पा रहे हैं और न उच्च अधिकारी।  

यह है पूरा मामला

आपको बता दें कि तत्कालीन क्षेत्र पंचायत सदस्य मानिकपुर रैपुरा उमा देवी पत्नी कृष्ण चंद्र ने 24 फरवरी 2021 को लिखित शिकायत कर कलेक्टर को अवगत कराया था कि रैपुरा ग्राम पंचायत में रामप्रसाद पुत्र वासुदेव जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 4834869 और अवधेश पुत्र जगतधारी जिसका रजिस्टेशन नंबर यूपी 5593809 पर आवास योजना के तहत कालोनी जारी की गई है। पत्र में बताया गया है कि राम प्रसाद पुत्र वासुदेव की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उनका कोई वारिस भी नहीं है। इसके बाद भी ग्राम सचिव ने मृतक के नाम पर कालोनी पास कर दी। कलेक्टर के आदेश पर जब मामले की जांच कराई गई तो बीडीओ ने एयर कंडीशन चैंबर में बैठे-बैठे ग्राम पंचायत अधिकारी कमलाकर सिंह से जांच कर रिपोर्ट मांगी और उसी रिपोर्ट को सही मानकर मामले में क्लीनचिट दे डाली। ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी आख्या में लिखा है कि उक्त दोनों कालोनी साल 2016-17 में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए नाम पर आवंटित हुई है और लाभार्थियों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। इसके बाद जब ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह से यह पूछा जा रहा है कि आखिर आवास बना कहां है तो वह शिकायकर्ता को ही अपनी पहुंच की धौंस दिखा रहे हैं।

मैं आज ही मामले की जानकारी लेता हूं – सीडीओ

चित्रकूट जिले के सीडीओ अमित आसेरी का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए निर्देशित किया था। क्या जांच की गई आज ही जानकारी लेता हूं। अगर इसमें कोई किसी भी प्रकार की ढील हुई तो कार्यवाही की जाएगी।

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