June 15, 2021

(पूरी हकीकत)

कोरोना से मौत के बाद दोस्त को सच्ची श्रृद्धांजलि देने मित्रों ने मिलकर की चिकित्सा सुविधाओं से लैस एंबुलेंस की शुरुवात

अपने दुःख को सकारात्मक दिशा में लगाकर दी उदारता की मिसाल

न्यूज सर्च, जांजगीर-चांपा- बम्हनीडीह विकासखंड में यूं तो कई युवा कोरोना का ग्रास बने हैं, लेकिन कुछ सच्चे दोस्तों ने मिलकर अपने मित्र को ऐसी श्रृद्धांजलि दी जो कि यादगार बनकर रह गई। यहां के निवासी संतोष अग्रवाल के मित्रों ने कोरोना से उनकी मौत के बाद अपने दुःख को सकारात्मक दिशा लगाया और कुछ ऐसा किया, जिससे उनके नेक कार्य की शोसल मीडिया में काफी सराहना हो रही है।

जानकारी के मुताबिक विगत कुछ दिनों पूर्व संतोष अग्रवाल बम्हनीडीह का कोविड से स्वर्गवास हो गया था। संतोष बेहद मिलनसार और समाजसेवी थे, उनका कोरोना से यूं अचानक से चले जाना उनके मित्रो के लिए बहुत विचलित करने वाला था। वह उसके जाने के गम को संभाल नहीं सके, लेेकिन फिर उन्होंने एकजुट होकर ऐसा फैसला किया यदि वह कोरोना पीड़ितों सहित अन्य लोगों की मदद कर जान बचा पाए तो यह उनके दोस्त के लिए सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इसके बाद सभी दोस्तों ने मिलकर कोरोना महामारी के विकराल रूप के बीच मरीजों को एम्बुलेंस की जरूरत को पूरा करने स्व. संतोष अग्रवाल याद में चिकित्सा सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस मंगवाई और उसे आम लोगों के लिए समर्पित कर दिया, जिससे एंबुलेंस की नि:शुल्क सुविधा लेकर लोगों की जान बच सके। यह एम्बुलेंस ऑक्सीजन और एयरकण्डीशन युक्त है। इस एंबुलेंस को स्व.संतोष अग्रवाल के 12 वर्षीय पुत्र अंशु अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर जन सेवा हेतु रवाना किया।

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