June 16, 2021

(पूरी हकीकत)

उत्तर प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू तोड़ा तो पुलिस ने हांथ पैर में ठोक दिया लोहे की कील

पीड़ित युवक की मां ने लगाया आरोप… उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोप को बताया झूठा… एसपी ने कहा युवक ने कार्रवाई से बचने खुद ही ठोकी कील…

न्यूज सर्च डेस्क/बरेली :- बरेली में बुधवार को एक महिला के आरोप ने उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि धूमिल करते हुए उस पर बरबर्ता का लेख मढ़ दिया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके बेटे ने जरूरी कार्य के चलते घर से बाहर जाकर कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन किया था… इस पुलिस ने उसके हाथ और पैर में कीलें ठोंक दीं। जब मामल शोसल मीडिया पर उछला तो पुलिस ने इस आरोप को पूरी तरह से गलत बताया है।
जानकारी के मुताबिक बारादरी के जोगी नवादा के रहने वाले युवक रंजीत की मां कुसुमलता ने आरोप लगाया कि कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर उसके बेटे के हाथ और पैर में पुलिस ने कील ठोंक दी। वहीं बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह साजवान ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया और कहा कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने स्वयं इस काम को अंजाम दिया है।

एसएसपी साजवान ने बताया कि रंजीत नामक युवक 24 मई को बिना मास्क के सड़क में घूम रहा था। जब ड्यूटी पर तैनात जवानों ने उसे घर जाने और बाहर न निकलने की नसीहत ती तो वह जवानों के साथ बदतमीजी करने लगा। उसके इस कृत्य को लेकर उसके खिलाफ थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। मंगलवार रात भी पुलिस ने आरोपी के यहां दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिला। एसएसपी ने कहा कि पुलिस से बचने के लिए युवक ने यह नाटक किया।
वहीं पीड़ित की मां कुसुमलता ने आरोप लगाया कि कि बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा के रहने वाले रंजीत सोमवार की रात करीब दस बजे अपने घर बाहर बैठा हुआ था, इसी बीच पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। पुलिस ने सभी लोगों को मास्क लगाने को कहा। इस बीच रंजीत का पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ था। उन्होंने दावा कि विवाद के बाद पुलिसकर्मी रंजीत को जबरन अपने साथ ले गए थे और बाद में उसको मरणासन्न अवस्था में फेंककर चले गए।

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