May 6, 2021

(पूरी हकीकत)

कमाई के लिए लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे फैक्ट्री संचालक

गुमा में फैक्ट्रियां में लॉकडाउन के नियम ताक पर

सुबह से सैकड़ों की संख्या में मजदूर काम करने पहुंच रहे फैक्ट्री

न्यूज़ सर्च@रायपुर:- हीरापुर इंडस्ट्रिल एरिया में सैकड़ों की संख्या में कंपनी और कोल्ड स्टोरेज हैं। इसके अंतर्गत गुमा, उरला और सिलतरा एरिया में कई फैट्रियां है। यहां स्थित उद्योग खुलेआम लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाकर फैक्ट्री का संचालन कर रहे हैं। उनका यहां तक दावा है कि उनके इस कृत्य में पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल है, जो कि सारी सच्चाई जानते हुए फैक्ट्री चल रही है या बंद देखने की भी जहमत नहीं उठाते हैं। इसी सच से पर्दा उठाने के लिए न्यूज़ सर्च की टीम ने गुमा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्टिंग की।

टीम सुबह 11 बजे गुमा पहुंची तो देखा कि एक फैक्ट्री के अंदर से धुआं निकल रहा है। वहां रुक कर जब कंपनी के अंदर जाने की कोशिश की गई तो गार्ड ने रोक दिया। पूछने पर उसने बताया कि अंदर जाना मना है पहले ऑफिस में मैनेजर से मिल लीजिए। बातों-बातों में गार्ड ने बताया कि फैक्ट्री का ए-टॉप है। यहां चिप्स, कुरकुरे और नमकीन आईटम बनता है। यहां से मॉल को छत्तीसगढ़ सहित दूसरे प्रदेश में भेजा जाता है। धुंआ निकलने की बात कहते हुए मजदूरों के होने की बात पूछने पर गार्ड ने कहा साफ सफाई का काम चल रहा है कुछ मजदूर हैं आपको मैनेजर पूरी जानकारी दे देंगे। ए-टॉप लिखे कंटेनर वाले बड़े-बड़े ढेरों ट्रक खड़े होने की बात पूछने पर गार्ड ने कहा कि पुराना मॉल सप्लाई किया जा रहा ट्रक से। इसी दौरान देखने में आया कि एक कंटेनर को ड्राईवर ने फैक्ट्री के मेन गेट से लगा दिया और उसमें लेबर तेजी से माल लोट कर रहे थे। फोटो खीचने की कोशिश करने पर गार्ड ने रोक दिया और मैनेजर के पास जाने की बात कही।

घबराए डिप्टी मैनेजर ने तुरंत लगाया मालिक को फोन 

मेन गेट से लगता हुआ ही फैक्ट्री का ऑफिस है। जब ऊपर गए तो वहां एक व्यक्ति ने परिचय पूछा। न्यूज़ सर्च का नाम सुनते ही वह हड़बड़ा गया और सबसे पहले मोबाइल बंद करने की बात कही। उसने बताया कि वह कंपनी का डिप्टी मैनेजर और उसका नाम सुदर्शन है। उसने भी बताया कि फैक्ट्री का पुराना मॉल परमीशन पर भेजा जा रहे है। जब उससे फैक्ट्री में लेबर के काम की बात कही गई तो उसने तुरंत फैक्ट्री मालिक सुशील अग्रवाल को फोन लगाया और कहा कि जो भी हो रहा नियम से हो रहा है। ट्रक से जो माल भेजा जा रहा है उसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन को सूचना दे दी गई है। उन्हें इसके लिए पास भी मिला है। पास दिखाने की बात पर वह टाल गया। इसी दौरान उसने उड़िया भाषा में किसी से बात की और देखते-देखते फैक्ट्री के अंदर से सारे लेबर बाहर निकलकर फैक्ट्री के पीछे छिप गए।

मैदान में भागे मजदूर

टीम जब फैक्ट्री के पीछे गई तो वहां छिपे दर्जनों मजदूर भागने लगे। वह फैक्ट्री के पीछे बीहड़नुमा खाली पड़े मैदान में छिपते छिपाते भाग खड़े हुए। पूछने पर गार्ड ने हंसते हुए कहा कि आपको जो करना है करिए। जो हो रहा है मालिक के कहने पर नियम से हो रहा है।

डिप्टी मैनेजर भी ऑफिस बंद कर निकले 

न्यूज़ सर्च की टीम ने मैनेजर के सामने ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी तो डिप्टी मैनेजर और एक अन्य कर्मचारी तुरंत ऑफिस बंद जाने लगे। उन्होंने कहा कि सेलरी बनानी थी आपलोग नहीं करने दोगे तो हम जा रहे हैं ऑफिस बंद करके।

सुरक्षा नियमों की भी दिखी अनदेखी 

फैक्ट्री में तैनात कंटेनर चालक से लेकर गार्ड तक किसी ने मास्क नहीं लगाया था। साथ ही साथ जो दर्जनों मजदूर फैक्ट्री से निकलकर भागे उन्होंने भी मास्क आदि नहीं पहना हुआ था। जबकि फैक्ट्री के डिप्टी मैनेजर सुदर्शन ने बताया कि उनके पहले ही मास्क और सेनिटाइजर खरीदकर रखा गया है।  जब वह चीजें बांटी नहीं जाएंगी तो रखने का क्या फायदा।

पुलिस को जानकारी देने का दावा 

डिप्टी मैनेजर सुदर्शन ने दावा किया कि फैक्ट्री में जो माल बचा है उसके परिवहन के लिए मालिक ने परमिशन ले रखी है। जबिक सूत्रों की माने तो फैक्ट्री का सारा माल खाद्यान्न परमीशन जो कि किसी दूसरे का है उसके जरिए राज्य के अलग-अलग जिलों और राज्य के बाहर तक भेजा गया है। इतना ही नहीं डिप्टी मैनेजर ने बताया कि उन्होंने पुलिस को भी इसकी जानकारी दी है उन्हें सारी जानकारी है। यह सारी बातें रिकार्डिंग में न्यूज़ सर्च टीम के पास मौजूद भी हैं।

गांव वालों ने बताई सच्चाई

गुमा गांव के लोगों से जब जानकारी लेने के लिए बात की गई तो उन्होंने कहा ए-टॉप ही नहीं यहां पॉलीथिन बनाने से लेकर दर्जनों फैक्ट्री में धड़ल्ले से काम चल रहा है। अधिकारी भी इसमें मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह आठ से नौ बजे उनके गांव से सैकड़ों की संख्या में लेबर जाती है और अलग फैक्ट्री में घुस जाती है। फिर वही लेबर देश शाम निकलती है। इससे साफ है कि यदि फैक्ट्री में काम बंद है तो फिर इतनी बड़ी संख्या में लेबर फैक्ट्री क्यों पहुंच रही है। जिला और पुलिस प्रशासन की टीम इसे नजरंदाज करके कोरोना विस्फोट को खुला आमंत्रण दे रही है।

वाहन चालक के ऑडियो रिकार्डिंग से हुआ खुलासा

कंपनी में जो दर्जनों की संख्या कंटेनर चालक माल लाने ले जाने का काम उन्होंने फोन पर बताया कि उन्हें छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्य में माल सप्लाई करने के लिए फैक्ट्री का मैनेजर बुलाता है। वह दूसरी गाड़ी का परमीशन पास देकर कहता है कि पुलिस पूछे तो बता देना कि खाद्य सामग्री लदी हुई है। ऐसा करके वह लोग माल राज्य सहित दूसरे राज्यों में भेजते हैं। 

वर्जन-

आप फैक्ट्री के अंदर जबरदस्ती घुसने का प्रयास कर रहे थे। मेरे पास माल परिवहन करने का मरमीशन है। रही बात मजदूरों के द्वारा काम करने की तो वह गलत है।
-सुशील अग्रवाल, ए-टॉप

वर्जन- 

खाद्य सामग्री, दवा सहित कुछ चीजों के परिवहन की अनुमति दी गई है। रही बात मजदूरों के काम करने की तो इसका पता करवाता हूं। यह गलत है।
– डॉ. एस भारतीदासन, कलक्टर, रायपुर

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