June 22, 2021

(पूरी हकीकत)

नव विवाहित जोड़े ने कोविड अस्पताल में रचाई शादी… कोरोना मरीज बने बाराती, हल्दी-तेल की रस्म के साथ हुआ विवाह

न्यूज सर्च, बालोद – छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का कोविड अस्पताल दो युवा दिलों के सात फेरों के बंधन का न सिर्फ गवाह बना, बल्कि वहां उपचाराधीन कोरोना संक्रमितों ने बराती बनकर एक दिन की अनोखी जिंदगी भी जी लिए। यहां हुई संक्रमित युवक और युवती की शादी खासा चर्चा में रही।

ये शादी बीते शुक्रवार को पूरे रीति-रिवाज से जिले के महावीर आइसोलेशन सेंटर में हुई। इसी आइसोलेशन सेंटर में दूल्हा और दूल्हान का कोरोना का इलाज भी चल रहा है। वहीं इस सेंटर में मौजूद कोरोना संक्रमित अन्य मरीज शादी में बाराती और घराती भी बने। शादी भी कोई औपचारिक तौर पर नहीं हुई, बल्कि पूरे रीति रिवाज के साथ हुई। यहां बरातियों और घरातियों के द्वारा बाकायदा हल्दी, तेल और अन्य रश्मे भी निभाई गईं।

उल्लेखनीय है कि जिले के महावीर आइसोलेशन सेंटर में भर्ती चंद्रकांत साहू और कांति साहू अपना इलाज करा रहे हैं। दोनों की एक महीने पहले शादी हुई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद दोनों कोरोना संक्रमित हो गए। वहीं चंद्रकांत और कांति ने अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त को यादगार बनाने का फैसला लेते हुए दोबारा शादी के बंधन में बंध गए।

इस दौरान, आइसोलेशन सेंटर के इंचार्ज दुष्यंत सोनबोइर ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन को खास बनाने के लिए इस तरह का कार्यक्रम किया। उन्होंने बताया कि दूल्हा-दुल्हन के तेल हल्दी रस्म के बाद अन्य मरीज जमकर थिरके। साथी मरीजों ने गिफ्ट देकर आशीर्वाद भी दिए। इस बीच दुल्हन कांति ने कहा कि यह एक अलग अनुभूति है।
डॉक्टर प्रदीप जैन बताते हैं कि कोविड सेंटर में मरीजों के इलाज के अलावा उनका आत्मविश्वास जगाने की जरूरत है। लोगों के अंदर कोरोना का भय है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्र में अक्षय तृतीया के दिन गुड्‌डा-गुडिया की शादी करने का रिवाज है, तो हम इसे कराने की तैयारी में थे, लेकिन तभी चिरईगोड़ी गांव के रहने वाले दंपती ने खुद प्रस्ताव रखा और इसके बाद शादी करने की पूरी तैयारी की गई और कोविड सेंटर के मरीज इस शादी समारोह में शामिल हुए।

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