July 26, 2021

(पूरी हकीकत)

छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस का कहर दिखना शुरू, भिलाई में की मौत

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए दवा उपलब्ध करवाने के निर्देश, ड्रग विभाग स्टाक चेक करेगा

न्यूज सर्च@रायपुर –

प्रदेश में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के 4 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें 3 अंबेडकर अस्पताल व एक भिलाई का केस हैं। सबसे खतरनाक स्थिति यह है कि इसने अब लोगों की जान लेना भी शुरू कर दिया है। इस बीमारी से प्रदेश में पहली मौत हुई है। भिलाई के सेक्टर-1 निवासी श्रीनिवास राव (35) कोरोना से रिकवर होने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए थे। उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर के ऐसे मरीजों का इलाज अंबेडकर अस्पताल में करने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में ब्लैक फंगस के संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। सीएम के निर्देश के बाद ड्रग विभाग ने सीएंडएफ, होलसेलर व रिटेलर दवा कारोबारियों को रोजाना एंफोटेरेसिन-बी व पोसाकोनाजोल का रोजाना का स्टॉक मांग लिया है। दूसरी ओर, एम्स में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले 15 मरीज भर्ती हैं, जिनकी पुष्टि एम्स डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने की है। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों का इलाज चल रहा है।

इस तरह फैलता है ब्लैक फंगस

ये पोस्ट कोविड बीमारी मुख्यत: उन मरीजों में हो रही है, जिन्हें डायबिटीज है या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। ये फंगस नाक के पास की नसों से शुरू होकर आंखों तक जाता है। इस वजह से आंखों के आस-पास सूजन आती है। ऐसी स्थिति आने पर तुरंत डाक्टर के पास जाना चाहिए। सही समय पर इलाज होने से आंखों को हर तरह के नुकसान से बचाया जा सकता है, लेकिन डाक्टर के पास जाने में देरी बिलकुल भी नहीं होनी चाहिए।

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