June 22, 2021

(पूरी हकीकत)

अवैध कालोनी आवंटन मामले में बिगड़े पंचायत सचिव के बोल…कहा बीडियो खुद जांच करके रिपोर्ट दें

ग्राम पंचायत रैपुरा में मृतकों के नाम पर आवास आवंटित कर पंचायत मित्रों को फायदा पहुंचाने का आरोप

न्यूज सर्च@चित्रकूट/संवाददाता विवेक सिंह की रिपोर्ट –
चित्रकूट जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत रैपुरा अपनी मनमाना कार्यशैली से सुर्खियों में है। यहां भ्रष्टाचार का आलम यह है कि पहले तो मर चुके गरीब ब्यक्ति के नाम पर आवास का आवंटन कर दिया गया। इसके बाद जब मामले की शिकायत की गई तो पर्तमान ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह ने बिना जांच किए ही सबकुछ सही होने की आख्या बीडीओ को दे दी। जब सचिव से पूछा गया कि आखिर आवास (कालोनी) बनी कहां है यह बता दें तो उन्होंने कोई भी जानकारी होने से साफ मना कर दिया।

जब उन्हें बीडियो को दी गई उनकी आख्या की सुध कराई गई तो सचिव के तेवर सातवें आसमान पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बीडिओ की गरज हो तो खुद आकर मामले की जांच कर लें। उनके समय का यह मामला नहीं है। वह किसी से डरते नहीं न ही उनका कोई कुछ बिगाड़ सकता है। सचिव के इस बिगड़े बोल से साफ पता चलता है कि मामले में लंबा झोल है और यदि इसकी सही जांच होती है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

यह है पूरा मामला

तत्कालीन क्षेत्र पंचायत सदस्य मानिकपुर रैपुरा उमा देवी पत्नी कृष्ण चंद्र ने 24 फरवरी 2021 को लिखित शिकायत कर कलेक्टर को अवगत कराया था कि रैपुरा ग्राम पंचायत में रामप्रसाद पुत्र वासुदेव जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 4834869 और अवधेश पुत्र जगतधारी जिसका रजिस्टेशन नंबर यूपी 5593809 पर आवास योजना के तहत कालोनी जारी की गई है। पत्र में बताया गया है कि राम प्रसाद पुत्र वासुदेव की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उनका कोई वारिस भी नहीं है। इसके बाद भी ग्राम सचिव ने मृतक के नाम पर कालोनी पास कर दी। कलेक्टर के आदेश पर जब मामले की जांच कराई गई तो बीडीओ ने एयर कंडीशन चैंबर में बैठे-बैठे ग्राम पंचायत अधिकारी कमलाकर सिंह से जांच कर रिपोर्ट मांगी और उसी रिपोर्ट को सही मानकर मामले में क्लीनचिट दे डाली। ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी आख्या में लिखा है कि उक्त दोनों कालोनी साल 2016-17 में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए नाम पर आवंटित हुई है और लाभार्थियों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। इसके बाद जब ग्राम पंचायत सचिव कमलाकर सिंह से यह पूछा जा रहा है कि आखिर आवास बना कहां है तो वह शिकायकर्ता को ही अपनी पहुंच की धौंस दिखा रहे हैं।

बीडियो खुद जांच कर लें मामले

आप अधिकारियों से बीत कर लीजिए। न वो मेरे समय का बना है और न मैं बनवाया है। आप एक काम करिए बीडियो साहब से बात कर लीजिए और बीडियो से जाकर कहिए को वह इसकी जांच करे। उनको जांच करना है तो वह कर लें मुझे जो जानकारी दी गई मैंने वही रिपोर्ट दे दी।
कमलाकर सिंह, सचिव, ग्राम पंचायत रैपुरा

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