May 6, 2021

(पूरी हकीकत)

भाजपा शासित राज्य में मृतक के नाम पर आवंटित कर दी कालोनी, अधिकारी कर रहे मामले में लीपापोती

रैपुरा ग्राम पंचायत का मामला, शिकायतकर्ता को नहीं बताया जा रहा कहा बनी है कालोनी

न्यूज सर्च संवाददाता विवेक सिंह चित्रकूट – भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां ग्राम पचांयत चुनाव के रिजल्ट सामने आ रहे हैं तो दूसरी तरफ पूर्व प्रधानों के द्वारा ग्राम सचिव से सांठगांठ करके किए गए भ्रष्टाचार की परते खुल रही हैं। इन परतों के खलने के बाद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी उस पर धूल डालने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चित्रकूट जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत रैपुरा का है। यहां मर चुके गरीब के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कालोनी आवंटित कर दी गई है। इस कालोनी को कागजों पर बनाकर उसका मद हजम भी कर दिया गया। जब इसकी शिकायत की गई तो ग्राम सचिव ने लिखकर दे दिया कि कालोनी आवंटित हुई और वह बन भी गई है। इस रिपोर्ट के आधार बिना जांच के ही बीडीओ ने भी मामले में क्लीनचित दे दी, लेकिन यह कोई नहीं बता पा रहा है कि वह कॉलोनी किसके घर में बनी है।

जानकारी के मुताबिक क्षेत्र पंचायत सदस्य मानिकपुर रैपुरा उमा देवी पत्नी कृष्ण चंद्रने 24 फरवरी 2021 को लिखित शिकायत कर कलेक्टर को अवगत कराया था कि रैपुरा ग्राम पंचायत में रामप्रसाद पुत्र वासुदेव जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 4834869 और अवधेश पुत्र जगतधारी जिसका रजिस्टेशन नंबर यूपी 5593809 पर आवास योजना के तहत कालोनी जारी की गई है। पत्र में बताया गया है कि राम प्रसाद पुत्र वासुदेव की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उनका कोई वारिस भी नहीं है। इसके बाद भी ग्राम सचिव ने मृतक के नाम पर कालोनी पास कर दी।  

आपको बता दें कि इस शिकायत के बाद बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी कमलाकर सिंह से जांच कर रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने जवाब में बताया कि उक्त दोनों कालोनी साल 2016-17 में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए नाम पर आवंटित हुई है और लाभार्थियों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। अपनी जांच रिपोर्ट में ग्राम सचिव यह बता भूल गए कि वह कालोनी मृतक के नाम पर कैसे आवंटित हुई और भूतों ने कालोनी का निर्माण कैसे करा लिया। इतना ही नहीं वह यह नहीं बता पा रहे कि वह भूत मोहल्ला कौन सा है जहां इस कालोनी का निर्माण किया गया है।

खंड विकास अधिकारी ने बिना सही जांच किए दे दी क्लीन चिट

मानिकपुर ब्लॉक के बीडीओ ने 16 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में बिना जमीनी जांच किए मामले में क्लीन चिट दे दी है। जबकि हकीकत यह है कि मृतक व्यक्ति के नाम पर कालोनी निकली है और उसमें मिले शासकीय राशि का बंदरबांट भी किया गया है, लेकिन वह राशि किसने हजम कर ली और यदि कालोनी बनवाई भी तो कहां बनी है इसका जवाब देने की जहमत कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं उठा रहा है।

मेरे समय का नहीं है मामला

मैं अभी मतगणना ड्यूटी में हूं। यह मामला मेरे समय का नहीं है। मैं आपसे मिलकर बात करूंगा। तभी बताऊंगा कि कहां पर यह कालोनी बनी और कैसे आवंटित हुई है।

कमलाकर सिंह, सचिव, ग्राम पंचायत रैपुरा

You cannot copy content of this page

en_USEnglish
Open chat
विज्ञापन के लिए इस नंबर पर संपर्क करें