May 6, 2021

(पूरी हकीकत)

NEWS SEARCH BREAKING : पत्नी की कोरोना से मौत, गांव वालों ने अंतिम संस्कार से किया मना… बुजुर्ग पति साइकिल पर लाश रखकर भटका घंटों… पुलिस ने पहुंचकर कराया अंतिम संस्कार

न्यूज़ सर्च डेस्क :- उत्तर प्रदेश के जौनपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर वायरल हो रहीं हैं। ग्रामीणों के विरोध के बाद जहां एक बुजुर्ग अपनी पत्नी के शव को साइकिल पर लादकर घंटों अंतिम संस्कार के लिए भटकता रहा। गांव का कोई शख्स अर्थी को कंधा देने आगे नहीं आया। घंटो घूमने के बाद हताश होकर थका हुआ बुजुर्ग सड़क पर साइकिल में लदा शव छोड़कर किनारे अपनी किस्मत पर रोने लगा। जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को हुई वह वहां पहुंची और उनकी मदद से बुजुर्ग अपनी पत्नी को मुखाग्नि दे पाया।

कोरोना का खौफ लोगों में इतना बढ़ गया है कि मौत के बाद भी गांव का कई भी व्यक्ति बुजुर्ग के घर उसका गम बांटने तक नहीं आ रहा है। मानवता तो वहां हार गई जब जब कुछ गांव के लोगों ने बुजुर्ग को पास के श्मशान घाट पर अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया। यह घटना 27 अप्रैल जौनपुर जिले के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के अंबरपुर की है। यहां के निवासी तिलकधारी सिंह की 50 वर्षीय पत्नी काफी दिनों से बीमार चल रही थी। सोमवार को अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान राजकुमारी की मौत हो गई। स्वास्थ्य महकमा ने राजकुमारी का शव एंबुलेंस से घर भेज दिया, लेकिन गांव वालों ने कोरोना का हवाला देते शव को उसके घर नहीं पहुंचने दिया।

अंतिम संस्कार न होने से शव की स्थिति काफी खराब होती जा रही थी। यह देख बुजुर्ग पति अकेले ही पत्नी के शव को साइकिल पर रखकर गांव के नदी के किनारे दाह संस्कार करने के लिए चल पड़ा। वह नदी किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी कर ही रहा था कि कुछ गांव वाले वहां पहुंचे और अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। इस मामले की सूचना मिलते ही मड़ियाहूं कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को वापस घर लेकर आई।इसके बाद कफन का इंतजाम किया गया और सम्मान के साथ जौनपुर स्थित रामघाट पर शव अंतिम संस्कार कराया।

इस मामले मड़ियाहूं तहसील के डिप्टी एसपी संत प्रसाद उपाध्याय का कहना है कि अंबरपुर निवासी तिलकधारी सिंह की पत्नी की मृत्यु हो गई थी। अस्पताल से एंबुलेंस डेड बॉडी को गांव में छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद गांव के लोगों ने वहां पर दाह संस्कार करने का विरोध किया। इस पर बुजुर्ग व्यक्ति शव को साइकिल पर लेकर अकेले ही नदी किनारे ले जाने लगा। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना हुई मौके पर कोतवाल मड़ियाहूं पहुंचे शव के लिए कफन और गाड़ी की व्यवस्था कराई और मृतक का सम्मान के अंतिम संस्कार कराया गया।

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