February 25, 2021

(पूरी हकीकत)

छत्तीसगढ़ बंद की सूचना अफवाह, तीन दिन पहले सूचना जारी कर कलेक्टर कर सकेंगे लॉकडाउन

कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार केवल शहरी क्षेत्रों में लागू करेंगे निषेधाज्ञा

न्यूज़ सर्च@रायपुर :- सोशल मीडिया में खबर वायरल हो रही हैं कि मुख्यमंत्री मंत्री ने एक सप्ताह या 10 दिन के सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है।उन्होंने यह फैसला 17 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया है। इस अफवाह वाली खबर के बाद बाजार में कालाबाजारी फिर से शुरू हो गई है। आपको बता दें कि यह खबर पूरी तरह से अफवाह है। सच्चाई यह है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राज्य शासन ने जिला कलेक्टरों को शहरी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाने के लिए अधिकृत किया है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को यह निर्देश भी दिया है कि वह लॉकडाउन अचानक नहीं कर सकते, बल्कि उन्हें तीन दिन पहले इसको लेकर आम सूचना जारी करनी होगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिला कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार महामारी एक्ट तथा धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर सकेंगे। यह निषेधाज्ञा बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए होगी। ग्रामीण क्षेत्र इससे मुक्त रहेंगे। यह निर्णय कलेक्टरों के स्व-विवेक पर छोड़ा गया है कि वे कब और किस शहरी क्षेत्र में इसे लागू करेंगे। यह निषेधाज्ञा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कुछ वार्डों में अथवा आधे शहर में या पूरे शहर में भी लागू की जा सकती है। बैठक में निर्देश दिया गया है कि कंटेनमेंट जोन के संबंध में जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में निर्देश दिए गए है कि निषेधाज्ञा का आदेश लागू करने के पहले तीन दिन पूर्व नोटिस दिया जाए। इस जानकारी को स्थानीय मीडिया में प्रसारित किया जाए। इसके बाद ही इसे अमल में लाया जाए। इससे आम जनता को आवश्यक वस्तुओं को खरीदने का पर्याप्त समय मिल सके और वे अनावश्यक घबराहट में वस्तुओं का संग्रहण करने से बचें।
बैठक में निर्देश दिए गए कि निषेधाज्ञा का कोई भी ऐसा आदेश सात दिन का हो और परिस्थितियों को देखकर इसे आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है। निषेधाज्ञा के दौरान स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, फायर ब्रिगे्रड आदि बुनियादी सेवाएं पूर्व की तरह कार्य करते रहेंगे। इस अवधि के दौरान शासकीय कार्यालय एक तिहाई कर्मियों के साथ कार्य करेंगे।
निषेधाज्ञा के दौरान कारखाने या निर्माण इकाईयों को शर्तों के साथ काम करने की अनुमति होगी। इन शर्तों में कामगारों को नियंत्रित वातावरण में रखना, कामगारों के परिवहन की व्यवस्था करना और कोविड-19 पाॅजीटिव होने की स्थिति में उनके उपचार और अस्पताल का खर्च उठाना शामिल है। पेट्रोल पंप, अस्पताल, क्लीनिक, पशु चिकित्सा सेवाएं, दवाई दुकान, दूध और इससे संबंधित उत्पाद, सब्जी दुकान पहले की तरह नियत समयानुसार खुले रहेंगे। इन्हें खुला रखने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। कृषि उपज मंडी पूर्व की तरह कार्य करती रहेगी।
निषेधाज्ञा वाले क्षेत्रों में केवल वाणिज्यिक परिवहन की अनुमति होगी। यह अनुमति केवल रात्रि में होगी। मास्क पहनना और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना हर परिस्थिति में अनिवार्य होगा, जो इसका पालन नहीं करेगा उस पर जुर्माना किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, कृषिमंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेम साय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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