March 1, 2021

(पूरी हकीकत)

दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले जवानों और अधिकारियों-कर्मचारियों को क्वारेंटीन करना अनिवार्य

*स्वास्थ्य सचिव ने सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ सहित अन्य सुरक्षा बलों को लिखा पत्र*

न्यूज़ सर्च@रायपुर:- कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण एवं ड्यूटी के बाद अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले जवानों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप 14 दिन तक क्वारेंटाइन में रखना अनिवार्य है। इसका पालन सुनिश्चित करने स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.), महानिदेशक केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सी.आई.एस.एफ.), महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.), अतिरिक्त महानिदेशक, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आई.टी.बी.पी.), अतिरिक्त महानिदेशक भारतीय थल सेना (इंडियन आर्मी) तथा अतिरिक्त महानिदेशक सेवा चयन बोर्ड (एस.एस.बी.) को पत्र लिखा है।

स्वास्थ्य विभाग ने पत्र में कहा है कि नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी कर बचाव हेतु विभिन्न माध्यमों से सूचित किया गया है। आपके विभाग में कार्यरत अमलों के प्रशिक्षण-अवकाश-डयूटी व अन्य कार्यों से राज्य से बाहर जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। ऐसे सभी अधिकारी-कर्मचारी जो अन्य राज्यों में प्रशिक्षण, अवकाश एवं अन्य कार्यों से गए हैं, उनके लौटने पर 14 दिवस क्वारेंटाइन किया जाना आवश्यक हैं।
पत्र में कहा गया है कि सभी जवान और अधिकारी-कर्मचारी बाहर से आते ही सर्वप्रथम जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें तथा स्वास्थ्य जांच कराएं। विभाग में उपलब्ध प्रांगण में ही पृथक-पृथक कक्ष (टॉयलेट एवं बाथरूम सुविधा सहित) की व्यवस्था किया जाए, जिसमें कार्मिकों को 14 दिनों तक क्वारेंटाइन किया जा सके। क्वारेंटाइन किए गए अमलों की प्रतिदिन स्वास्थ्य जांच चिकित्सकों से कराई जाए। कोविड-19 संबंधी किसी भी प्रकार के लक्षण जैसे तेज बुखार, खांसी, सर्दी होने पर तत्काल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सूचना दी जाए। विभागीय चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक के माध्यम से जांच करायी जा सकती है। क्वारेंटाइन किए गए अमलों को क्वारेंटाइन अवधि में स्वल्पाहार, भोजन, जल आदि अनिवार्य रूप से डिस्पोजल प्लेट तथा गिलास में ही प्रदाय किया जाए और उपयोग के बाद इनका सुरक्षित स्थान पर निपटान किया जाए। क्वारेंटाइन में निवासरत व्यक्तियों के कपड़े चादर, पर्दे व अन्य वस्त्रों की धोने की व्यवस्था अलग से की जाए तथा इन कपड़ों को अन्य कपड़ों से पृथक रखा जाए।
क्वारेंटाइन सेंटर में कार्यरत सफाई कर्मियों तथा भोजन वितरण करने वाले कर्मचारियों को कार्य अवधि में सुरक्षा हेतु ग्लोब्स और मास्क अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें इन सामग्रियों के उपयोग के लिए निर्देशित भी किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देशित किया है कि चिकित्सकीय जांच के पश्चात उत्पन्न जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निपटान के लिए जैव चिकित्सा अपशिष्ट नियम-2016 का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।

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