June 20, 2021

(पूरी हकीकत)

जिले में सबसे ज्यादा पामगढ़ जनपद पंचायत से कमाने गये मजदूर, देखे कितने मजदूर बाहर गये हैं।

देवेन्द्र यादव@पामगढ़ – क्षेत्र में गैर प्रांत से अपने गांव आए मजदूरों को जिला प्रशासन द्वारा होम क्वारंटीन किया जा रहा है। लेकिन इन मजदूरों को गांव में आते ही ग्रामीण दहशत में रह रहे हैं। वहीं प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि बाहर से आए सभी मजदूरों को 14 दिन तक घर में ही रहना है बाहर नहीं निकलना है। लेकिन प्रशासन का निर्देश इन मजदूरों पर नहीं पड़ रहा है। यह मजदूर गांव में घूमते नजर आ रहे है। अगर यही हाल रहा तो सरकार व कोरोना योद्धाओं के मंसूबे पर पानी फिरने से कोई रोक नहीं पायेगा।
पामगढ़ क्षेत्र के पामगढ़, कुटीघाट, मेहंदी, ससहा, बरगांव, कोसला गांव में शुक्रवार की शाम तक 259 लोग बाहर से पामगढ़ क्षेत्र पहुंच गए जिन्हें शासकीय स्कूलों में रखा गया हैं। वही 113 लोगो को अब तक होम क्वारंटीन किया जा चुका है। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की देखरेख में सभी को शासकीय विद्यालय में क्वारंटीन किया गया जा रहा है। बाहर से आने वाले मजदूरों से कोराेना का संक्रमण न फैले इसके लिए उन्हें गांवों से बाहर सुरक्षित व सुरक्षित स्थानों में क्वारेंटाइन किया जा रहा है। लेकिन जानलेवा संक्रमण के खतरे से अनजान उनके रिश्तेदार क्वारेंटाइन किए गए मजदूरों से मिलने आते हैं। इतना ही नहीं नजदीक खड़े होकर देर तक बात भी करते हैं। यह लापरवाही प्रशासन के इंतजाम पर भारी पड़ सकती है। उस पर इस प्रकार की लापरवाही से कोरोना वायरस लोगों को चपेट में ले सकता है।

जनपद सीईओ कौशिक के मुताबिक पामगढ़ जनपद में 25416 मजदूर लौटेंगे
जांजगीर जिले में सबसे ज्यादा मजदूर पामगढ़ क्षेत्र में ही आएंगे। पामगढ़ ब्लॉक में 96 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। शुक्रवार के सुबह पामगढ़ मुख्यालय में 72 मजदूर आये है जो पामगढ़ ब्लॉक के भैसों, झिलमिली, जेवरा, सिल्ली, ससहा, महका गांव से हैं।

तहसीलदार श्रीमती जयश्री पथे ने बताया की रात लगभग 1 बजे तेलंगाना से आये 25 मजदूरों और 2:30 बजे रात को झारखंड से 23 मजदूरों को मस्तूरी से लाया गया है। और सुबह 24 मजदूर आये पहले उन्हें पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया उसके रुकने की ब्यवस्था शासकीय आईटीआई भवन पामगढ़ में क्वारेंटाइन किया गया है। सभी मजदूरों के लिए सद्भावना भवन में भोजन तैयार किया गया था। रात में सभी मजदूरों को ठाकुर होटल खोलवा कर भोजन तैयार कराया गया था। मजदूरों ने बताया की उन्हें खाने-पिने की परेशानी होने पर वे सभी 5 से 7 दिन पहले घर के लिए निकल पड़े थे। रास्ते में जहाँ मदद मिलती थी वह भोजन कर लेते थे। कही पैदल तो कही ट्रक, मेटाडोर की मदद से वे छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं।

पालीथिन में दिया जा रहा है खाना
पामगढ़ के आईटीआई भवन में 72 मजदूर के लिए खाना का व्यवस्था किया गया है जिसमे देखा जा रहा है प्रशासन के द्वारा मजदूरों को प्लास्टिक के पालीथिन में खाना खिलाया जा रहा है गर्म खाना प्लास्टिल के पालीथिनके डालने से कही और तबीयत खराब हो सकता है प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आया हैं।

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