April 19, 2021

(पूरी हकीकत)

झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले इतने बुलंद की समाचार कवरेज करने पर पत्रकार के घर भारी संख्या में मारपीट करने पहुंचे

न्यूज़ सर्च@गरियाबंद।। राज्य में गैर कानूनी तरीके से मौत की दुकान चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें सरकार और कानून का भी डर नहीं रहा। इसका जीता जागता उदाहरण गरियाबंद ज़िले में देखने को मिला। यहां समाचार कवरेज करने गए पत्रकारों से झोलाछाप डॉक्टर इतने नाराज हो गए कि उन्होंने पत्रकारो के कैमरे छीनकर धक्का मुक्की की और बंधक बनाने की भी कोशिश की। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ । पत्रकारो के द्वारा थाने जाकर मामले की शिकायत की गयी है।

जानकारी के मूताबिक गरियाबंद जिले के पांडुका क्षेत्र के पत्रकार परमेश्वर साहू और नेहरू साहू शुक्रवार शाम 4:00 बजे झोलाछाप डॉक्टर रोशन निर्मलकर, और दिनेश साहू पोंड के क्लीनिक कवरेज करने गए थे। उनको देख झोलाछाप डॉक्टर अपना आपा खो बैठे और अपने बेटे व आसपास के लोगों को बुला लिया। इसके बाद उन्होंने उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए चश्मा मोबाइल को तोड़ दिया। गाड़ी की चाबी छीन कर रख लिए और वही बंधक बनाने की कोशिश करने लगे।

हद तो तब हो गई जब रविवार को 60 से 70 की संख्या में झोलाछाप डॉक्टर पीड़ित पत्रकार के घर मोटरसाइकिल से आ धमके। इतनी भीड़ देखकर गांव में हल्ला मच गया। इस मामले को लेकर शनिवार को पांडूका थाने में लिखित शिकायत किया गया है। जिस पर पांडुका पुलिस द्वारा जांच कर उचित कार्यवाही की बात कही है।

बना रखा है संगठन

बताया जाता है कि इस ज़िले में झोला छाप डॉक्टरों का एक संगठन भी है। इसका बाकायदे उन्होंने धनवंतरी नाम से पंजीयन भी कराया हुआ है । इस संगठन में क्षेत्र के सैंकड़ो झोला छाप डॉक्टर जुड़े हुए हैं। जिनके पास ईलाज करने की कोई वैध डिग्री नहीं है। यदि कोई उनके खिलाफ आवाज़ उठाता है तो वह एकजुट होकर उसके खिलाफ साम, दाम, दंड और भेद की नीति से काम करते हैं।

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