March 6, 2021

(पूरी हकीकत)

पत्रकार के कैमरे से डरने लगे जनप्रतिनिधि, तैश ने आकर छीना मोबाइल गांव में न आने की दी धमकी

 लॉक डाउन में बाजार सैकड़ों की तादात में लोग प्रशासनिक अमला बेसुध, सरपंच पति का रुतबा सातवें आसमान पर

 ग्राम पंचायत सलखन में शासन के नियमों की उड़ रही धज्जियां, ग्रामीणों की जान से हो रहा खिलवाड़
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मनोज शर्मा@जांजगीर-चांपा। एक और कोरोना वायरस की महामारी को लेकर केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की गाइडलाइन जारी किया है। तो वही नवागढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत सलखन में शाम 5:00 बजे के बाद भी बाजार लग रहा है। यहां लोग खरीदारी करने बिना मास्क व सुरक्षा के उपाय के बिना ही चल पड़े हैं। गांव के बाजार में सैकड़ों की तादाद में भीड़ देखी गई इस भीड़ को कैमरे में कैद करने में लगे संवाददाता को सरपंच पति ने देखा तो देखते ही सरपंच पति का रुतबा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसके बाद जो हुआ वह एक जनप्रतिनिधि के पति के रुतबे को चरितार्थ करता  है। सरपंच हेमलता कश्यप के प्रतिनिधि रामकृष्ण कश्यप है, वह कहने लगा कि गांव में बाजार लगा है उसकी फोटोग्राफी का वीडियो शूटिंग किस में दिखाई जाएगी। संवाददाता ने जिसमे दिखेगी उसमे दिख जाएगी। इतने में रामकृष्ण कश्यप अपने नेतागिरी के दम पर गांव दोबारा न आने की धमकी दे डाली। इसके साथ ही फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करने की अनुमति की मांग की प्रेस कार्ड को देखने के बाद भी आपका अधिकार नही है गांव को बदनाम कर रहे हो कहकर मोबाइल छीन ली। इसके बाद सड़क के पास स्थित पान ठेले के संचालक को दिया। इसके कुछ समय बाद मोबाइल वापस कर दिया गया और दोबारा गांव में नही आने कहा। इस घटना से यह प्रतीत होता है कि आज के दौर में प्रत्रकारिता चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। ऐसे में प्रशासन का दायित्व है कि राजनीति के दम पर बौखलाहट में एक पत्रकार से दुर्व्यवहार करने वाले ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर सबक सिखाया जाए ताकि किसी पत्रकार पर ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।


कलेक्टर एसडीएम को पॉकेट में रखने की कही बात

फोटोग्राफी वह वीडियोग्राफी करने के संबंध में सरपंच प्रतिनिधि से संवाददाता ने कलेक्टर ऑफिस के पीआरओ में जाकर अनुमति पढ़ने की बात कही तो नेताजी ने अपनी नेतागिरी कि सारी हदें पार करते हुए जिले के मुखिया कलेक्टर व एसडीएम को अपने पॉकेट में रखने की बात कह डाली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरपंच प्रतिनिधि का रुतबा सातवें आसमान पर है। ऐसे में प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने से इनके हौसलों के साथ-साथ ऐसी सोच रखने वाले हर जनप्रतिनिधि के सोच पर लॉक लगने जैसा होगा।

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