April 13, 2021

(पूरी हकीकत)

टोल टैक्स का पूरा भुगतान नहीं करने पर बैंक खाता होगा सील

हल्के वाहनों का फास्टटैग लेकर टोल प्लाजा से हैवी वाहन निकाल रहे लोग…सरकार हुई सख्त

न्यूज़ सर्च@नई दिल्ली :-
फास्टैग अनिवार्य करने के लिए सरकार एक और नियम लागू करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक मानव रहित टोल व्यवस्था का बेजा फायदा उठाकर व्यावसायिक वाहनों द्वारा कम टोल टैक्स का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे वाहन चालक सावधान हो जाएं, क्योंकि अब अगर ऐसा हुआ तो सरकार उनके फास्टैग और बैंक खाता को सील करने की कार्रवाई करेगी।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक सभी प्रकार की निजी कारों के लिए बैगनी रंग का फास्टैग दिया जाता है। टोल प्लाजा पर उनके लिए टोल की दरें एक समान हैं। वहीं तीन पहिया व चार पहिया के व्यवसायिक वाहनों की टोल टैक्स की दरें उनके एक्सल के अनुसार तय होती हैं। इसलिए व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी के मुताबिक बैगनी, गुलाबी, नारंगी, पीला, आसमानी नीला व काला रंग का फास्टैग उनके एक्सल भार के तहत जारी किया जाता है।

टोल प्लाजा पर वाहन के फास्टैग रंग के आधार पर स्वत: टोल टैक्स का भुगतान होता जाता है। अधिकारी ने माना कि कई स्थानों से व्यावसायिक वाहनों द्वारा कम कीमत के टैक्स वाला फास्टैग इस्तेमाल करके अपने हैवी वाहनों को निकाला जा रहा है। ऐसी शिकायतें बढ़ें न इसे देखते हुए सरकार ऐसे वाहनों का फास्टैग व बैंक खाता सील करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। जिससे उक्त वाहनों को दो गुना टैक्स देना होगा। विभाग इस खामी को दूर करने के लिए काम कर रहा है।

इस तरह पकड़ में आते हैं ऐसे वाहन

ऑटोमैटिक व्हीकल क्लासीफायर तकनीक से कम टैक्स का भुगतान करने वाले वाहनों को पकड़ लिया जाता है। उदाहरण के लिए भारी व्यवसायिक मशीन (एचसीएम) के फास्टैग का रंग काला होता है और इसकी टोल दरे सबसे अधिक होती हैं। जबकि दो एक्सल ट्रक-बस हल्के व्यासायिक वाहन (एलसीवी) के फास्टैग का रंग हरा है। इसकी टोल दरें निजी वाहन कार से थोड़ी अधिक होती है। एचसीएम वाहन एलसीवी के फास्टैग लगाकर कम टोल दे कर निकल जाते हैं। इसकी जानकारी काफी समय बाद में टोल प्लाजा कंपनी को होता है। जब ऑटौमैटिक व्हीकल क्लासीफायर वाहनों की फोटो कैद कर लेता है।

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