February 25, 2021

(पूरी हकीकत)

कोविड-19 वैक्सीन की दूसरा डोज शतप्रतिशत पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

टीकाकरण प्रगति कीहुई समीक्षा

जांजगीर-चांपा, 22 फरवरी 2020
जांजगीर-चांपा जिले केकलेक्टर यशवंत कुमार ने जिले में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ शतप्रतिशत लगाने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने सोमवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक भी बुलाईजिसमें उन्होंने निर्देशित किया कि प्रथम व द्वितीय चरण में जिन अधिकारियों कर्मचारियों का पंजीयन नहीं हो पाया है उनका दोबारा पंजीयन कर उसकी जानकारी उन्हें दी जाए ।

बैठक में कलेक्टर ने कहा ‘’कोविड वैक्सीन के पहले डोज के 28 दिन बाद दूसरा डोज लगाना जरूरी है। दूसरी डोज लेने के दो सप्ताह के अंदर आम तौर पर एंटीबाडी का सुरक्षात्मक स्तर इम्यूनिटी विकसित होता है। वैक्सीन लगाने के बाद यह कतई न सोंचे कि अब वह कोरना से पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसलिए वैक्सीन लगने के बाद कोविड नियमों का पूरी तरह से पालन करते रहें।‘’

कलेक्टर ने टीकाकरण की विभागवार समीक्षा करते हुए पंजीयन के विरूद्ध कम टीकाकरण होने पर संबंधित विभाग के जिला अधिकारियों को कहा कि वह सुनिश्चित करें कि वैक्सीनेशन शतप्रतिशत हो। कलेक्टर ने कहा ‘’गर्भवती एवं प्रसव के छह महिना बाद तक स्तनपान कराने वाली महिलाओं एवं अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों को छोड़कर शेष सभी को टीका लगाया जा रहा है। प्रथम व द्वितीय चरण में संबंधित विभाग के जिन अधिकारियों, कर्मचारियों का पंजीयन किसी कारण से नही हो पाया है, वे पंजीयन के लिए स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूची प्रस्तुत करें ताकि उनका पंजीयन कर अगामी चरणों के टीककरण पूर्ण किया जा सके।‘’

कलेक्टर ने टीकाकरण के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया और सहायक नोडल डॉ पुष्पेन्द्र लहरे को विभागवार प्रगति की जानकारी प्रति दिन संबंधित जिला अधिकारियों को उपलब्ध कराने के लिए कहाजिससे छूटे हुए लोगों का टीकाकरण समय पर पूर्ण किया जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर लीना कोसम, एस.एस.पैकरा, जिला सेनानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी एसडीएम, एसडीओपी, जनपद सीईओं, नगरीय निकाय के सीएमओं उपस्थित थे।

गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के एनआरसी चालू के निर्देश

बैठक के दौरान कलेक्टर यशवंत कुमार ने गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए जिले के सभी एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) चालू के निर्देश दिए हैं। एनआरसी की क्षमता के अनुरूप शतप्रतिशत बेड पर गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को दी गई। एन आर सी में भर्ती बच्चे और उनके साथ अभिभावक मां को सभी उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिले यह स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाय। कलेक्टर ने उपचार से लाभांवित बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति की समीक्षा करने की बात भी कही है।

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