February 28, 2021

(पूरी हकीकत)

छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों से ठेकेदार परेशान, बताया खड़ा किया जा रहा रोटी रोजी का संकट

छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन बिलासपुर ने बुलाई सभी ठेकेदारों की बैठक

न्यूज सर्च@बिलासपुर. छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन बिलासपुर द्वारा बुधवार को होटल महावीर पैराडाइस लेक्मे सलून के ऊपर सीएलसी प्लाजा मंगला चौक में सभी ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई। बैठक में छत्तसीगढ़ सरकार ने हाल ही में निर्माण व गौण खनिज क्षेत्र में कुछ परिवर्तन किए हैं उसका विरोध करते हुए अपनी मांगे रखी गई और उन्हें सरकार तक पहुंचाने की बात कही गई। बैठक में प्रमुख रूप से गोंड़ खनिज रायल्टी पर जारी अधिसूचना को लेकर, निर्माण कार्यों में परफार्मेंस गारंटी 10 वर्ष (WRD) एवं पांच वर्ष (PWD) सहित निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी चेकिंग एवं ई श्रेणी पंजीयन लागू होने पर रजिस्टर्ड ठेकेदारों के सामने जो रोजी रोटी की समस्या खड़ी इन विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सभी ठेकेदारों ने एक मंच में आकर कहा कि इस परिवर्तन के चलते बिलासपुर के सभी नर्माण विभागों में कुछ समय से समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा और छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन बिलासपुर की मांगों पर ध्यान देना होगा।

बैठक के दौरान ठेकेदारों ने कहा कि गोंड़ खनिज रायल्टी की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजपत्र में प्रकाशित दरें एवं बाजार दर के द्वारा निर्माण कार्यों में जो ठेकेदारों की कटौती की जा रही है वह व्यवहारिक नहीं है। प्रदेश सरकार की रायल्टी दरों की कटौती ठेकेदारों द्वारा स्वीकार्य है, लेकिन जो बाजार दर वह पूरी तरह से गलत है। वर्तमान समय में पत्थर stone, metal, sand, soil, murum आदि में अगर बाजार दर से कटौती की जाएगी तो ठेकेदारों को उसाक भुगतान अपनी अचल संपत्ति बेंचकर भरना पड़ेगा। इतना ही नहीं बिल से GST, Labour welfare tax सहित अन्य कटौतियों के अलावा 5 व 10 वर्ष का रखरखाव करना शासन द्वारा किया जाना पूरी तरह से गलत है।

इसके अलावा बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग में रखरखाव के लिए 5 वर्ष की समयसीमा निर्धारित की गई है। वहीं जल संसाधन विभाग में यह समयसीमा 10 वर्ष निर्धारित की गई है। यह पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इसमें संशोधन किया जाना चाहिए और PMGSY व ADB के नियम को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन दोनों ही विभागों में जो भी निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं उनमें रखरखाव हेतु विभाग द्वारा भुगतान किया जाता है।
इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी की थर्ड पार्टी चेकिंग की शर्त निर्माण कार्यों में लागू नहीं की गई है। प्रदेश के निर्माण ठेकेदारों में चेकिंग की शर्त मंजूर की गई हैं, लेकिन चेकिंग की समय सीमा को निर्धारित किया जाए तभी। ठेकेदारों ने यह बात रखी की अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि को थर्ड पार्टी चेकिंग में लगाना अनिवार्य न किया जाए। निर्माण कार्य पूर्ण होते ही इस राशि को रिलीज किया जाए।

छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ई पंजीयन की सुविधा शुरू की गई है। प्रदेश के बेरोजगार नवयुवक इस श्रेणी में अपना पंजीयन कराकर एक साल में ब्लाक स्तर पर 50 लाख तक का निर्माण कार्य ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार संघ इस निर्णय का स्वागत करता है, लेकिन जिस तरह से बस्तर परिक्षेत्र में 50 लाख तक के निर्माण कार्य में मैन्युअल टेंडर नियम लागू किया गया है वही नियम पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए। भुगतान में देरी की समस्या को रखते हुए मिश्रा ने कहा कि भुगतान को लेकर नगर निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों ही जगह काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए किसी भी कार्य के पूर्ण होते ही तत्काल भुगतान करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

बैठख में संघ के संभागीय अध्यक्ष संजीव तिवारी, राजकुमार तिवारी, अभिषेक सिंह अध्यक्ष नगर निगम ठेकेदार संघ, दीपेंद्र सिंह, कमल किशोर, अखिलेश सिंह, विकास सिंह, अजय अग्रवाल, बॉबी खोखर, शेखर पाल, लाला भोसले, दिनेश चौधरी, मंटू वर्मा, अशोक तिवारी, पवन अग्रवाल, रविशंकर त्रिपाठी दीपक बुधौलिया, सूरजधर दीवान, नीरच नशीने, भानु मिश्रा, सुरजीत सिंह, नरेश शुक्ला, गजन जायसवाल, राजेश जायसवाल, हरीश राठौर, आलोक सिंह ठाकुर, सुधीर शुक्ला, विकास गुप्ता, नूर मोहम्मद, धर्मेश शर्मा और शक्ति सिंह ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

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